विराट कोहली ने कैसे यश दयाल को बना दिया खूंखार गेंदबाज?

नई दिल्ली : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच 3 मई को हुए मुकाबले में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज यश दयाल ने इतिहास दोहरा दिया. एक बार फिर IPL 2024 की झलकियां देखने को मिलीं. वो दोबारा उसी टीम (RCB), वही प्रतिद्वंदी (CSK), वही मैदान (एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम) और स्ट्राइक पर उसी बल्लेबाज (एमएस धोनी) के खिलाफ अंतिम ओवर में गेंदबाजी के लिए आए.

2024 में दयाल को 17 रनों का डिफेंड करना था, इस बार 15 रन. दोनों ही बार उन्होंने छक्का खाने के बावजूद खुद को शांत रखा और अपनी टीम को मैच एक रोमांचक में जीत दिलाई. कभी अंतिम ओवर में 5 छक्के लुटाकर डिप्रेशन में जाने वाले दयाल आज अगर इतनी घातक गेंदबाजी कर पा रहे हैं तो इसमें विराट कोहली का अहम योगदान है. इस बात का खुलासा खुद उनके पिता ने किया है.

विराट ने कैसे दयाल को बनाया खूंखार गेंदबाज?

यश दयाल के प्रदर्शन को लेकर उनके पिता ने कहा कि विराट कोहली की वजह से वो आज खुलकर खेल रहे हैं और टीम को जिताने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. उनके पिता चंद्रपाल दयाल ने खुलासा किया कि RCB को जॉइन करने के बाद से विराट कोहली उनसे काफी बातचीत करते हैं. अक्सर अपने कमरे में बुलाते हैं, कई बार वो खुद यश के कमरे में जाते हैं और खेल के बारे में समझाते रहते हैं. विराट ने उन्हें खुली छूट दे रखी है और कहा, “मेहनत करते रहो, तूफान मचा दे, मैं हूं तेरे साथ, चिंता मत करना, मेहनत करना मत छोड़ना, गलतियां करना पर उससे सीखना और आगे बढ़ना.”

यश दयाल के पिता ने कहा, “विराट ने बहुद आजादी दी है और उन्हें एक बेखौफ क्रिकेटर बना दिया है. मैंने काफी क्रिकेटर्स को टूटते हुए देखा है. खासतौर पर गेंदबाजों को पर विराट ने उन्हें अपने हाथ से जोड़ा है.” बता दें 2023 में यश दयाल ने गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हुए अंतिम ओवर में 5 गेंद पर लगातार 5 छक्के लुटा दिए थे. इससे उनका खूब मजाक उड़ा था और वो डिप्रेशन में चले गए थे. लेकिन आईपीएल 2024 के सीजन में वो धोनी के खिलाफ 17 रन डिफेंड करके हीरो बन गए थे. पिछले दो सालों में उन्होंने एक क्रिकेटर के तौर काफी सुधार किए हैं. पहले से ज्यादा समझदार और घातक होने के साथ दबाव सोखने में माहिर हो गए हैं. वो दो सीजन से बेंगलुरु के मुख्य गेंदबाज बनकर उभरे हैं. इसमें कोहली का अहम योगदान है.

अंतिम ओवर की कहानी

कप्तान रजत पाटीदार ने अंतिम ओवर में यश दयाल को गेंद सौंपी थी. 2024 की तरह इस बार भी उनके सामने एमएस धोनी खड़े थे. उन्हें 6 गेंद में 15 रन डिफेंड करने थे. उनके पिता ने खुलासा किया कि वो मैच देख रहे थे और इस स्थिति को देखकर वो मुस्कुराने लगे. उन्हें अपने बेटे पर पूरा भरोसा था.

पहली 2 गेंद पर उन्होंने सिर्फ 2 रन दिए और पिछले सीजन की तरह इस बार भी धोनी को तीसरी गेंद पर आउट कर दिया. लेकिन चौथी गेंद पर उन्होंने एक नो बॉल फेंकी, जिस पर शिवम दुबे ने छक्का जड़ दिया है. अब चेन्नई को जीत के लिए 3 गेंद में सिर्फ 6 रनों की जरूरत थी. लेकिन दयाल ने खुद को शांत रखा और अगली 3 गेंद पर सिर्फ 3 रन दिए और मैच को RCB की झोली में डाल दिया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *