रूस को करीब लाने की अमेरिकी कोशिश नाकाम!

मॉस्को: यूक्रेन युद्ध के बहाने रूस को करीब लाने की अमेरिकी कोशिश अब तक नाकाम साबित हुई है। चीन ने पहले भी कहा था कि उसके दोस्त रूस को बीजिंग से अलग-थलग करना आसाना नहीं है। लिहाजा अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात से 10 मई तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। जहां वह चीन और रूस के संबंधों को और अधिक मजबूत करने का काम करेंगे।

रूस के राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ ने रविवार को जिनपिंग की यात्रा से संबंधित पूरी जानकारी दी। पहले से ही माना जा रहा था कि शी नौ मई को मॉस्को में विजय दिवस परेड में भाग लेंगे। ‘क्रेमलिन’ ने कहा कि शी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर आ रहे हैं और ‘विक्टरी डे’ समारोह में भाग लेने के साथ-साथ दोनों नेता ‘‘व्यापक साझेदारी और रणनीतिक संपर्क के संबंधों के आगे विकास’’ तथा ‘‘अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय एजेंडे के मुद्दों’’ पर चर्चा करेंगे।

रूस और चीन में होंगे कई समझौते

चीनी राष्ट्रपति की इस यात्रा के दौरान पुतिन और शी कई द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगे। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से शी की रूस की यह तीसरी यात्रा होगी। चीन संघर्ष में तटस्थ रुख अपनाने का दावा करता है, लेकिन उसने ‘क्रेमलिन’ की इस दलील का समर्थन किया है कि रूस की कार्रवाई पश्चिमी देशों के उकसावे की वजह से हुई।

शी ने पिछली बार सितंबर 2024 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूस का दौरा किया था। उन्होंने मार्च 2023 में रूस की राजकीय यात्रा भी की थी और पुतिन ने भी उसी वर्ष अक्टूबर में चीन की यात्रा की थी। दोनों नेताओं की मई 2024 में बीजिंग में भी मुलाकात हुई थी। पुतिन की यह अपने पांचवें राष्ट्रपति कार्यकाल में पहली विदेश यात्रा थी। दोनों नेता जुलाई में कज़ाकिस्तान में भी मिले थे।

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