नई दिल्ली: आधार कार्ड को लेकर EPFO ने जब से ये फैसला लिया है कि आधार कार्ड डेट ऑफ बर्थ को अपडेट या करेक्ट करने के लिए मान्य नहीं होगा. उसके बाद से लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज हो गए हैं कि क्या आधार कार्ड यूजलेस हो जाएगा? बता दें कि ईपीएफओ ने इसे मान्य दस्तावेज यानी एक्सेपटेबल डॉक्यूमेंट की लिस्ट से बाहर कर दिया है. इस संबंध में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने एक सर्कुलर भी जारी किया है. आइए इस खबर में समझते हैं कि EPFO ने क्या कहा है? और इसपर यूआईडीएआई का क्या कहना है? साथ ही उन कामों की लिस्ट भी जानेंगे जहां अभी भी आधार कार्ड की जरूरत पड़ने वाली है.
फिर कैसे होगा DOB वेरिफाई?
ईपीएफओ के मुताबिक, बर्थ सर्टिफिकेट की मदद से यह बदलाव किया जा सकेगा. साथ ही किसी सरकारी बोर्ड या यूनिवर्सिटी से प्राप्त मार्कशीट और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट या स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट का भी इस्तेमाल इस काम के लिए किया जा सकेगा. इसके अलावा सिविल सर्जन द्वारा जारी किया गया मेडिकल सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, पैन नंबर, सरकारी पेंशन एवं मेडिक्लेम सर्टिफिकेट और डोमिसाइल सर्टिफिकेट का इस्तेमाल हो सकेगा.
यूआईडीएआई ने दी जानकारी
यूआईडीएआई ने बताया है कि आधार कार्ड को पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए. मगर, इसे जन्म प्रमाण पत्र के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए. आधार 12 अंकों का यूनिक पहचान पत्र है. इसे भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है. यह पूरे देश में आपकी पहचान और स्थायी निवास के सबूत के तौर पर मान्य है. हालांकि, आधार बनाते समय लोगों के विभिन्न दस्तावेज के हिसाब से उनकी जन्म तिथि डाली गई थी. इसलिए इसे जन्म प्रमाण पत्र का विकल्प न माना जाए.
इन कामों के लिए होगा आधार कार्ड का इस्तेमाल
बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए अभी भी आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है. पासपोर्ट बनवाने के लिए पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है. गैस सब्सिडी बिना आधार कार्ड के आज के समय में नहीं मिल पाती है. आधार कार्ड का मोबाइल नंबर और बैंक अकॉउंट से लिंक जरूरी हो गया है. पीएम जन-धन योजना के तहत खाता खुलवाने के लिए भी अब सिर्फ आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है. आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है. यह देश के नागरिकों की पहचान का एक मजबूत प्रमाण है.
