नई दिल्ली : सूर्य मिशन पर निकले भारत के आदित्य एल-1 ने अपनी सेल्फी खींची है। साथ ही इसने पृथ्वी और चंद्रमा की तस्वीरें उतारी हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आदित्य की ओर से खींची गईं तस्वीरों को एक्स पर (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया है। आदित्य ने गत चार सितंबर को चंद्रमा और पृथ्वी की तस्वीरें लीं। भारत का पहला सूर्य मिशन आदित्य एल-1 गत दो सितंबर को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रवाना हुआ। 125 दिनों की यात्रा पर निकला आदित्य अपने साथ 7 पेलोड ले गया है। यह पृथ्वी और सूर्य बीच लाग्रैंज प्वाइंट 1 से सूर्य की गतिविधियों का अध्ययन करेगा। भारत का यह मिशन सूर्य के बारे में उन रहस्यों के बारे में पता लगाएगा जिनसे दुनिया अभी अनजान है।
Aditya-L1 Mission:
👀Onlooker!Aditya-L1,
destined for the Sun-Earth L1 point,
takes a selfie and
images of the Earth and the Moon.#AdityaL1 pic.twitter.com/54KxrfYSwy— ISRO (@isro) September 7, 2023
इससे पहले आदित्य एल1 की पृथ्वी की कक्षा से संबंधित दूसरी प्रक्रिया मंगलवार तड़के सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई।
इसरो के मुताबिक, कक्षा संबंधी दूसरी प्रक्रिया को बेंगलुरु स्थित इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) से अंजाम दिया गया। अंतरिक्ष एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘पृथ्वी की कक्षा से संबंधित दूसरी प्रक्रिया (ईबीएन#2) आईएसटीआरएसी, बेंगलुरु से सफलतापूर्वक निष्पादित की गई। मॉरीशस, बेंगलुरु और पोर्ट ब्लेयर में आईएसटीआरएसी/इसरो के केंद्रों ने इस अभियान के दौरान उपग्रह की निगरानी की। प्राप्त की गई नयी कक्षा 282 किलोमीटर x 40225 किलोमीटर है।’
पहली प्रक्रिया को तीन सितंबर को अंजाम दी गई
इसरो ने बताया कि ‘आदित्य एल1’ की पृथ्वी की कक्षा से संबंधित तीसरी प्रक्रिया 10 सितंबर, 2023 को भारतीय समयानुसार देर रात लगभग ढाई बजे निर्धारित है। ‘आदित्य एल1’ पहली भारतीय अंतरिक्ष आधारित वेधशाला है, जो पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर स्थित पहले सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंजियन बिंदु (एल-1) में रहकर सूरज के बाहरी वातावरण का अध्ययन करेगी। इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी57) ने दो सितंबर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) के दूसरे लॉन्च पैड से ‘आदित्य एल1’ का सफल प्रक्षेपण किया था। इस उपग्रह की कक्षा संबंधी पहली प्रक्रिया को तीन सितंबर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया था।
127 दिनों के बाद एल-1 बिंदु पर पहुंचेगा
‘आदित्य एल1’ को लैग्रेंज बिंदु एल-1 की तरफ स्थानांतरण कक्षा में प्रवेश करने से पहले कक्षा संबंधी दो और प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। इस उपग्रह के लगभग 127 दिनों के बाद एल-1 बिंदु पर इच्छित कक्षा में पहुंचने की संभावना है।
