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रूस के खिलाफ यूक्रेन को अमेरिका दे सकता है अपनी घातक क्रूज मिसाइल!

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
16/08/24
in अंतरराष्ट्रीय, समाचार
रूस  के खिलाफ यूक्रेन को अमेरिका दे सकता है अपनी घातक क्रूज मिसाइल!
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नई दिल्ली: अमेरिकी सरकार रूस के खिलाफ जंग लड़ने के लिए यूक्रेन को अपनी सबसे घातक क्रूज मिसाइल देने पर विचार कर रहे हैं. इस मिसाइल का नाम है- ज्वाइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल (JASSM). इस मिसाइल और F-16 फाइटर जेट्स का बेहद खतरनाक कॉम्बीनेशन है.

यानी अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों से मिले एफ-16 फाइटर जेट में अगर यह मिसाइल लग गई तो रूस के लिए यह जंग जीतना बेहद मुश्किल हो जाएगा. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन इस बात पर विचार कर रहा है कि कैसे नए F-16 फाइटर जेट यूक्रेन को सौंपे जाएं.

यह भी सोचा जा रहा है कि 1088 किलोग्राम वजनी JASSM मिसाइल को कैसे दिया जाए. जिसमें 453 किलोग्राम का सिर्फ वॉरहेड लगता है. अगर ऐसा होता है तो यूक्रेन कुछ चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिसके पास फाइटर जेट से 370.4 किलोमीट दूर से क्रूज मिसाइल दागने की ताकत होगी.

इस मिसाइल को अमेरिकी डिफेंस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने बनाया है. अब तक 7500 मिसाइलें बन चुकी हैं. इस मिसाइल का इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना, ऑस्ट्रेलियन एयरफोर्स, पोलैंड एयरफोर्स और फिनलैंड की एयरफोर्स कर रही है.

इसका पहला इस्तेमाल सीरिया पर अमेरिकी हमले के दौरान हुआ था. 14.1 फीट लंबी इस मिसाइल की चौड़ाई 22 इंच और ऊंचाई 18 इंच है. इसमें आमतौर पर WDU-42/B Penetrator वॉरहेड लगता है. जिसका मुख्य मकसद बंकर, इमारत, बख्तरबंद वाहन, या किसी भी मजबूत इमारत को ध्वस्त करना है.

इसकी रेंज 370.4 किलोमीटर है. यानी F-16 पर लगाकर इसे अगर यूक्रेन रूस की सीमा से छोड़ता है, तो भी यह मिसाइल रूस के काफी अंदर जाकर बड़ी तबाही मचा सकता है. इसमें दो मूविंग विंग्स लगे होते हैं और दो टेल प्लेन्स ताकि इसकी दिशा और गति को नियंत्रित किया जा सके.

इस मिसाइल की सटीकता इतनी बढ़िया है कि अगर टारगेट फिक्स जगह से 9.10 फीट भी दूर होता है, तो उसका खात्मा तय है. अमेरिका इसका इस्तेमाल B-1 Lancer, B-2 Spirit, B-52 Stratofortress, F-15E Strike Eagle, F-16 Fighting Falcon, F/A-18 Hornet, Rapid Dragon: C-130, C-17 विमानों में कर रहा है.

ऑस्ट्रेलिया ने तो अमेरिका से इसके दो वैरिएंट खरीदे हैं. इसके अलावा पोलैंड ने तीन वैरिएंट खरीदने का ऑर्डिर दे रखा है. यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में जर्मनी, नीदरलैंड्स औऱ जापान भी इस मिसाइल को खरीदें. इसे लेकर बातचीत चल रही है.

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