नई दिल्ली : भारत के दुश्मन एक-एक कर खत्म हो रहे हैं। गत एक साल में कनाडा से लेकर पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान में ये आतंकी एवं दहशतगर्द मारे गए हैं। आतंकियों के मारे जाने की इस कड़ी में नया नाम अदनान अहमद उर्फ हंजला अहमद का नया जुड़ा है। अदनान मुंबई हमले 26/11 का मास्टरमाइंड एवं जैश ए मोहम्मद का सरगना हाफिज सईद का करीबी था। इसने जम्मू कश्मीर में कई हमलों की साजिश भी रची थी। कराची में अज्ञात बंदूकधारियों ने अज्ञात बंदूकधारियों ने इसकी गोली मारकर हत्या कर दी। भारत के दुश्मनों को कौन खत्म कर रहा है, इसके बारे में कई तरह चर्चाएं हो रही हैं।
पाकिस्तानी मीडिया में इन हत्याओं के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एवं अनालिसिस विंग (RAW) का हाथ होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान जिस तरह से आर्थिक तंगी एवं प्रतिबंधों के दौर से गुजर रहा है, इसलिए आतंकियों का पालना-पोसना उसके लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। जो आतंकवादी उसके लिए बोझ बन गए हैं, वह उनका एक-एक कर सफाया कर रहा है।
2023 में विदेशी धरती पर मारे गए आतंकी
- 20 फरवरी -रावलपिंडी से हिजबुल के इम्तियाज आलम उर्फ बशीर पीर की बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या की। वह कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।
- 22 फरवरी-काबुल में आतंकी अजाज अहमद अहंगर की हत्या। अहंगर भारत में आईएस का नेटवर्क मजबूत कर रहा था।
- 26 फरवरी-कराची में अलद बदर के पूर्व कमांडर सैयद खालिद राजा की हत्या। बदर जम्मू-कश्मीर में इस आतंकी संगठन का कमांडर था।
- 4 मार्च-पाकिस्तान के खैबरपख्तूनख्वा इलाके में आतंकवादी सैयद नूर शोलाबर की हत्या। शोलाबर कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां तेज करने में जुटा था।
- छह मई-लाहौर में खालिस्तानी एवं आतंकी परमजीत सिंह पंजवड़ की हत्या। पंजवड़ एनआईए की आतंकियों की सूची में शामिल था।
- 18 जून-खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में गोली मारकर हत्या। निज्जर कनाडा में रहते हुए भारत में टारगेट किलिंग कराता था।
- 12 सितंबर-लश्कर एवं हिजबुल का आतंकी जियाउर रहमान कराची में मारा गया।
- 30 सितंबर-कराची में लश्कर सरगना हाफिज सईद का करीबी कैसर फारूक की गोली मारकर हत्या।
- 11 अक्टूबर- पठानकोट एयरबेस हमले का मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ सियालकोट में मारा गया।
जम्मू कश्मीर में कम हुईं आतंकी घटनाएं
सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले करीब छह साल में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है और 2023 में सबसे कम ऐसी घटनाएं हुई हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति ‘आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने’ की है और इसका रुख आतंकवादियों के पारिस्थितिकी तंत्र को ध्वस्त करना है।
मुठभेड़ की 44 घटनाएं हुईं
राय ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि इस साल 15 नवंबर तक जम्मू-कश्मीर में 41 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल 125 ऐसी घटनाएं हुई थीं। उन्होंने कहा कि 2021 में 129 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 2020 में 126; 2019 में 153 और 2018 में 228 ऐसी घटनाएं हुईं। उन्होंने बताया कि इस साल जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ की 44 घटनाएं हुईं, जबकि 2022 में 117; 2021 में 100 मुठभेड़ हुईं।
राय ने बताया कि 2023 के दौरान आतंकवादी घटनाओं में कुल 13 नागरिक मारे गए, जबकि 2022 में 31; 2021 में 41 और 2020 में 38 नागरिकों की मौत हुई।
20 सुरक्षाकर्मियों की मौत
आंकड़ों के अनुसार, इस साल जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान कुल 20 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 2022 में 32 तथा 2021 में 42 जवानों की मौत हो गई थी। राय ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर के समग्र विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और उसने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं जिससे वहां विकास को काफी बढ़ावा मिला है।
