हास्य कवि अशोक बेशरम की कोरोना के खिलाफ कविता ने मचाई देशभर में धूम

आनंद अकेला की विशेष रिपोर्ट
सीधी। देश के प्रख्यात हास्य कवि और प्रयागराज के निवासी अशोक बेशरम ने नेशनल फ्रंटियर के माध्यम से कोरोना को लेकर सभी नागरिकों से विशेष अपील की। अपनी हास्य व्यंग्य की फुलझड़ियों से सबको सराबोर करने देने वाले हास्य कवि अशोक बेशरम ने कहा कि यह समय हम सबके लिए एक चुनौती लेकर आया है। आज पूरा विश्व महासंकट के दौर से गुजर रहा है। कोरोना ने विश्व की सभी बड़ी शक्तियों को घुटनों पर ला दिया है। आज हर देश घबराया हुआ है। ऐसे में भारत एक बार फिर विश्व को एक आइना दिखाता नजर आ रहा है।
हास्य कवि अशोक बेशरम ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के खिलाफ जिस तरह से अभियान छेड़ा है आज पूरे विश्व में इसकी चर्चा हो रही है। जब विश्व के सभी देश अपनी इकोनमी के कारण कोरोना को मजाक में ले रहे थे उस वक्त देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे बड़ा कदम उठाया। वो कदम जिसका आने वाले समय में हमारी अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा। पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इकोनमी को तवज्जो न देते हुए देश के नागरिकों की सुरक्षा को अहमियत दिया। हास्य कवि बेशरम ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की आज पूरे विश्व में चर्चा हो रही है वो इसलिए कि विभिन्न जटिलताओं और विशाल जनसंख्या वाले इस देश में कोरोना संक्रमण की दर सीमित हैं।
हास्य किव अशोक बेशरम ने कहा कि आज देश के प्रत्येक नागरिक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश और निर्देशों का पूर्णतः तरीके से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हमने अभी संयम दिखाया और दिए गए निर्देशों का पालन किया तो जल्द ही इस बीमारी के कैद से आजाद हो जाएंगे।
कोरोना वायरस और इसकी जागरूकता के लिए हास्य कवि अशोक बेशरम ने कविता के माध्यम से पूरे देश की जनता को अनूठा संदेश भी दिया है।

शंका समाधान में जुटी हुई है सरकार,
डॉक्टर बेचारे इसका इलाज ढूढ़ने लगे।
खौफनाक चोर जैसे घऱ में घुसा हो,
और माल की तिजोरी बंद बाक्स ढूढ़ने लगे।
ऐसा खौफ खाए हैं कोरोना वायरस से कि,
बूढ़े और जवान नया टास्क ढूढ़ने लगे।
घूंघट, रुमाल और गमछे के परहेज थे जो,
दवा की दुकानों पे मास्क ढूढ़ने लगे।

माना कि आज पड़ा है विपदा से सामना तो,
खौफनाक मंजर से डटकर लड़ते रहें।
घर से जो निकले तो मुंह-नाक ढ़ककर,
भीड़भाड़ से भी परहेज करते रहें।
बार-बार धोते रहे साबुन से मुंह-हाथ,
और खानपान स्वच्छता का ध्यान रखते रहें।
नित्य प्रति उठते ही जप लें गायत्री मंत्र,
हनुमान चलीसा का पाठ करते रहें।

संक्रमण से बचेंगे और औरों को भी बचाएंगे,
जन-जन जागरुकता का गीत गाएगा।
आज जो डरावना सा लग रहा है सभी को,
दावा है हमारा यह वक्त बीत जाएगा।
तो इस लॉकडाउन का पालन करेंगे यदि,
फायदा सभी को फिर ये मुफीद जाएगा।
और मोदीजी के दृढ़संकल्प के समक्ष मित्र,
हारेगा ये कोराना भी जग जान जाएगा।

(रचनाकार हास्य कवि अशोक बेशरम की पूरी कविता के लिए वीडियो देखें)

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