तहलका मचाने को तैयार अश्विन, इन खूबियों के कारण मिली WC में एंट्री

नई दिल्ली : भारत की मेजबानी में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2023 का बिगुल जल्द ही बजने वाला है. इसको लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपनी टीम का ऐलान 5 सितंबर को ही कर दिया था. मगर बोर्ड ने गुरुवार (28 सितंबर) को एक बड़ा बदलाव कर अपनी फाइनल टीम घोषित कर दी है.

इसमें चोटिल अक्षर पटेल को बाहर किया गया. उनकी जगह ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को मौका दिया गया. हालांकि फैन्स को बीसीसीआई का यह फैसला पसंद आया है, लेकिन समझने वाली बात यह भी है कि क्या अक्षर चोटिल नहीं होते, तो अश्विन को मौका मिलता?

साथ ही अश्विन में ऐसा क्या खूबी है, जिसके कारण वॉशिंगटन सुंदर और युजवेंद्र चहल को नजरअंदाज कर उन्हें ही मौका दिया गया? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब…

क्या अक्षर ठीक होते तब क्या होता?

हाल ही में भारतीय टीम ने एशिया कप खिताब अपने नाम किया था. इसी दौरान स्टार स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल चोटिल हो गए थे. एशिया कप के बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैचों की घरेलू वनडे सीरीज खेली थी. इसके शुरुआती दो मैचों में अक्षर को बाहर रखा था. जबकि अश्विन को तीनों मैचों में मौका दिया गया था.

अक्षर को तीसरे मैच में वापसी करनी थी, लेकिन उनकी चोट ठीक नहीं हो सकी और एक बार फिर उन्हें टीम से बाहर रहना पड़ा. दूसरी ओर अश्विन ने दमदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने सीरीज के शुरुआती दो मैच खेले, जिसमें 4 विकेट लिए थे. ऐसे में वर्ल्ड कप के लिए उन्हें जगह मिल गई.

यदि अक्षर ठीक होते और तीसरा मैच खेलते, तो शायद उन्हें वर्ल्ड कप से बाहर नहीं किया जाता, क्योंकि बीसीसीआई ने पहले उन्हें चुनकर यह साफ कर दिया था कि उन पर ही बोर्ड को ज्यादा भरोसा है. साथ ही सीरीज के तीसरे मैच तक अक्षर के ठीक होने का इंतजार भी शायद इसीलिए किया.

सुंदर और चहल की बजाय अश्विन को क्यों चुना?

दरअसल, बीसीसीआई ने अपनी वर्ल्ड कप स्क्वॉड में कोई ऑफ स्पिनर शामिल नहीं किया था. जबकि भारतीय पिचों पर इनकी काफी अहम भूमिका होती है. साथ ही बोर्ड चाहता था कि यह स्पिनर ऐसा हो जो मौका आने पर बल्लेबाजी भी कर सके. यही कारण है कि लेग स्पिनर चहल का पत्ता तो पहले ही कट गया था.

जबकि सुंदर और अश्विन में से किसी एक को मौका दिया जाना था. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में प्रदर्शन के आधार पर अश्विन दोनों से आगे निकल गए. सुंदर को सीरीज के तीसरे मैच में ओपनिंग में भी उतारा था. मगर वो खास कमाल नहीं दिखा सके.

भारतीय पिचों पर और वर्ल्ड कप में दमदार प्रदर्शन

अश्विन का भारतीय पिचों पर अब तक दमदार प्रदर्शन रहा है. भारतीय मैदानों पर मौजूदा खिलाड़ियों में जडेजा के बाद अश्विन दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं. इसके अलावा यदि वनडे वर्ल्ड कप का रिकॉर्ड देखें तो इसमें भी मौजूदा खिलाड़ियों में शमी और बुमराह के बाद अश्विन तीसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज हैं.

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