100वें टेस्ट के बाद ही संन्यास लेना चाहते थे अश्विन, जानें फिर क्यों बदला फैसला

नई दिल्ली। भारतीय स्पिनर अश्विन ने बीते साल बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। अश्विन के इस फैसले ने फैंस को हैरान कर दिया था। हालांकि अश्विन ने अब इससे ज्यादा हैरानी भरा बयान दिया है। इस खिलाड़ी ने बताया कि वह अपने 100वें टेस्ट के बाद ही संन्यास लेने का मन बना चुका था लेकिन एमएस धोनी के कारण ऐसा हो नहीं सका।

अश्विन 100वें टेस्ट के बाद लेना चाहते थे संन्यास

अश्विन ने अपने 100वें टेस्ट मैच में के बारे में बात की। अश्विन ने बताया कि वह धोनी को न्योता भी चुके थे। हिंदुस्तान टाइम्स ने अश्विन के हवाले से लिखा, “मैंने धर्मशाला में अपने 100वें टेस्ट के लिए एमएस धोनी को स्मृति चिन्ह सौंपने के लिए बुलाया था। मैं इसे अपना आखिरी टेस्ट बनाना चाहता था। लेकिन वह नहीं आ सके। हालांकि, मुझे नहीं लगा था कि वह मुझे सीएसके में वापस लाने का तोहफा देंगे। यह बहुत बेहतर है। इसलिए, एमएस, ऐसा करने के लिए धन्यवाद। मैं यहां आकर खुश हूं।”

अश्विन आईपीएव 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलने वाले हैं। उन्होंने इसी फ्रेंचाइजी के साथ आईपीएल के सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा, “2008 में मैं सभी महान खिलाड़ियों (सीएसके ड्रेसिंग रूम में) मैथ्यू हेडन और एमएस धोनी से मिला। मैं 2008 का आईपीएल पूरा खेल चुका था। मैं तब कुछ भी नहीं था, मैं उस टीम में कहां खेल सकता था जिसमें मुथैया मुरलीधरन थे। मैं धोनी का जीवन भर ऋणी रहूंगा, जो उन्होंने मुझे दिया। उन्होंने मुझे नई गेंद के साथ क्रिस गेल से भिड़ने का मौका दिया और 17 साल बाद अनिल भाई उसी घटना के बारे में बात कर रहे होंगे।’

अश्विन ने 2008 से चेन्नई से शुरू किया था सफर

अश्विन ने अपना आईपीएल करियर साल 2008 में चेन्नई के लिए ही किया था। साल 2015 में चेन्नई से जाने के बाद वह एक बार फिर से अपनी मूल टीम में लौटे हैं। इस दौरान पिछले एक दशक में अश्विन पंजाब, राजस्थान और दिल्ली सहित कई टीमों के लिए खेले।

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