देहरादून। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में जनपद देहरादून के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं चिकित्सालयों आदि में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मलेरिया से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की गतिविधियां सम्पादित की गयी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून में गोष्ठी/कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत आशा फैसिलिटेटर को मलेरिया के लक्षण व बचाव हेतु क्या करें क्या न करें की जानकारी प्रदान की गयी।

उन्होंने बताया कि मलेरिया एनोफिलीज प्रजाति के मादा मच्छर के काटने से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। उन्होंने मलेरिया के प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें तेज बुखार, बेचैनी, अत्यधिक पसीना आना और उल्टी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और समय पर उपचार लें।
बैठक में मलेरिया नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को तेज करें। साथ ही मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की नियमित साफ-सफाई, जलभराव रोकने और मच्छरदानी के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया
उक्त कार्यशाला में डाॅ. मनोज शर्मा (मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून ), डॉ. निधि रावत (अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन देहरादून ), सुभाष जोशी (जिला मलेरिया अधिकारी देहरादून ), डॉ. मनीषा बिष्ट (डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बॉर्न डिजीज कंसल्टेंट) पंचम सिंह बिष्ट, दिनेश पांडे , नरेंद्र पुंडीर, आशा सेमल्टी एवं अन्य स्टाफ व आशा फैसिलिटेटर आदि उपस्थित रहे।
