बैंक लोन हो या सरकारी योजनाओं का लाभ, इस कॉमन प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी सारी सुविधाएं

नई दिल्ली। आम आदमी के जीवन को आसान बनाने के लिए सरकार विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा चलाई जा रही कई योजनाओं के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए एक कॉमन पोर्टल ‘जन समर्थ’ शुरू करने की योजना बनाई है। सूत्रों ने बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार ‘न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन’ के दृष्टिकोण से नया पोर्टल शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें 15 क्रेडिट-लिंक्ड सरकारी योजनाओं को शामिल करने की योजना बन रही है। केंद्र की कुछ योजनाओं में कई एजेंसियों की भागीदारी होती है, इसलिए धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जाएगा।

एक प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी सभी योजनाएं

उदाहरण के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना (CLCSS) जैसी योजनाओं का संचालन विभिन्न मंत्रालयों द्वारा किया जा रहा है। प्रस्तावित पोर्टल इन योजनाओं को एक मंच पर लाने का इरादा रखती हैं, ताकि लाभार्थियों द्वारा बिना किसी परेशानी के उन तक पहुंच बनाई जा सके। पायलट परीक्षण किया जा रहा है और वास्तविक लॉन्च होने से पहले सभी तरह की प्रॉब्लम को दूर की जाएंगी। सूत्रों की माने तो भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) समेत अन्य लोनदाता इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। पोर्टल में ओपन आर्किटेक्चर होगा, जिससे राज्य सरकारें और अन्य संस्थान भी भविष्य में इस प्लेटफॉर्म पर अपनी योजनाओं को शामिल कर सकेंगे।

उधारकर्ताओं को आराम प्रदान करने के लिए सरकार ने 2018 में MSME होम, ऑटो और पर्सनल लोन सहित विभिन्न प्रकार के क्रेडिट उत्पादों के लिए एक पोर्टल http://psbloansin59minutes.com लॉन्च किया था। पोर्टल 20-25 दिनों के पहले के टर्नअराउंड समय की तुलना में विभिन्न राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों द्वारा 59 मिनट में एमएसएमई और अन्य उधारकर्ताओं के लिए लोन की सैद्धांतिक मंजूरी की सुविधा प्रदान करता है।

इसके बजाय पोर्टल कई स्रोतों जैसे आयकर रिटर्न, जीएसटी डेटा, बैंक स्टेटमेंट आदि से डेटा बिंदुओं को एनॉलाइज करने के लिए उन्नत एल्गोरिदम पर निर्भर करता है। उधारकर्ताओं की पात्रता की जांच करने के लिए प्लेटफॉर्म को सरकार के क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) के साथ इंटीग्रेट (एकीकृत) किया गया है। पोर्टल के शुभारंभ के पहले दो महीनों में राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के कुल 37,412 करोड़ रुपये के 1.12 लाख लोन आवेदनों को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

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