नई दिल्ली : अडाणी-हिंडनबर्ग मामले में विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा के पास छिपाने या डरने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा, अगर सबूत हैं तो विपक्ष अदालत क्यों नहीं जाता? जब पेगासस मामला सामने आया था तो मैंने कहा था कि अदालत जाइए। ये लोग नहीं गए। ये लोग सिर्फ शोर मचाना जानते हैं। कोर्ट तो हमारे कब्जे में नहीं है। एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में शाह ने अडाणी-हिंडनबर्ग मामले के अलावा बीबीसी डॉक्यूमेंट्री, पीएफआइ प्रतिबंध, संसद व्यवधान, आंतरिक सुरक्षा, 2024 के लोकसभा चुनाव समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। गौतम अडानी से भाजपा की नजदीकी के आरोपों पर उन्होंने कहा, अभी सुप्रीम कोर्ट ने एक केस का संज्ञान लिया है।
इस मामले में मेरा बोलना ठीक नहीं होगा। क्या हिंडनबर्ग रिपोर्ट और बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के पीछे किसी तरह की साजिश है? इसके जवाब में शाह ने कहा कि सत्य पर एक हजार साजिशें रच लो, कुछ नहीं होता। वह सूरज की तरह तेजस्वी बनकर बाहर आता है। मोदी जी के बारे में ऐसी साजिशें 2002 से की जा रही हैं। हर बार वह मजबूत होकर, सच्चे बनकर और जनता की ज्यादा लोकप्रियता हासिल कर उभरे हैं।
2024 में होगा मुख्य विपक्ष का फैसला
अगले साल के लोकसभा चुनावों पर शाह ने कहा, भाजपा की किसी से प्रतिस्पर्धा नहीं है। देश मोदी जी के साथ आगे बढ़ रहा है। अगले साल के चुनावों में जनता तय करेगी कि मुख्य विपक्ष कौन होगा। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में हम नया रेकॉर्ड बनाएंगे। अब तक का बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।
कांग्रेस पहुंची सुप्रीम कोर्ट
हिंडनबर्ग-अडानी मामले में कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें हिंडनबर्ग रिपोर्ट के मद्देनजर अडानी समूह की जांच की मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि एसबीआइ और एलआइसी में अडानी समूह के निवेश की भी जांच होनी चाहिए।
