बीजेपी के के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुजरात विधानसभा चुनाव-2022 के लिए घोषणापत्र जारी किया. इस दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि गुजरात विकास की गंगोत्री है और उस गंगोत्री में जब हम विकास की बात करते हैं तो हम नए संकल्प के साथ अपने आप को फिर से पुनर्स्थापित करते हुए आगे बढ़ने की बात करते हैं. जेपी नड्डा ने कहा कि गुजरात के लिए संकल्प पत्र में 40 वादें किए गए हैं, जिसमें पांच वर्षों में युवाओं को 20 लाख रोजगार, आईआईटी की तर्ज पर चार गुजरात प्रौद्योगिकी संस्थान (GIT) स्थापित करना और गुजरात कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर व अन्य शामिल है.
जेपी नड्डा ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि संविधान ही हमारा सबसे बड़ा धर्म है. उस पर चलना और उसे संभाल कर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. Human dignity के लिए भी भाजपा सरकार ने काम किया है. महिलाओं के लिए इज्जत घर बनाकर दिया है. हमने जो कहा है, वह करके दिया है.
‘संकल्प पत्र’ की 10 बड़ी बातें
- हम ”इरीगेशन की फैसिलिटी” को सुजलाम सुफलाम योजना के तहत आगे बढाएंगे. पूरे गुजरात में सुजलाम सुफलाम, सौनी, लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं, सूक्ष्म सिंचाई, ड्रिप सिंचाई और अन्य प्रणालियों जैसी परियोजनाओं के माध्यम से मौजूदा सिंचाई नेटवर्क का विस्तार करने के लिए 25,000 करोड़ रुपए का निवेश करेंगे.
- हम 2 सी फूड पार्क (दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में एक-एक) स्थापित करेंगे. भारत का पहला ब्लू इकोनॉमी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाएंगे और मछली पकड़ने से संबंधित बुनियादी ढांचे (जेट्टी, कोल्ड सप्लाई चेन और नावों का मशीनीकरण) को मजबूत करेंगे.
- हम गुजरात में समान नागरिक संहिता पर गठित समिति की सिफारिशों को लागू करेंगे.
- हम गुजरात के युवाओं को अगले 5 साल में 20 लाख रोजगार के अवसर देंगे. वहीं पांच साल में एक लाख महिलाओं को भी रोजगार देंगे. गुजरात की मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी.
- हम प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत वार्षिक कैप को ₹5 लाख से ₹10 लाख प्रति परिवार दोगुना करेंगे और मुफ्त चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करेंगे.
- शिक्षा की दृष्टि से 10 हजार करोड़ रुपए के बजट से आने वाले पांच सालों में 20 हजार सरकारी स्कूल को ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ बनाया जाएगा. आईआईटी की तर्ज पर चार गुजरात प्रौद्योगिकी संस्थान (GIT) स्थापित करना है.
- गुजरात में मंदिरों के पुनर्निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.
- साल में चार बार एक लीटर खाने का तेल और एक किलो चना हर महीने दिए जाएंगे.
- हम संभावित खतरों और आतंकवादी संगठनों और भारत विरोधी ताकतों के स्लीपर सेल की पहचान करने और उन्हें खत्म करने के लिए एक एंटी-रेडिकलाइजेशन सेल बनाएंगे.
- हम आठ मेडिकल कॉलेज और 10 नर्सिंग/पैरा-मेडिकल कॉलेज स्थापित करके आदिवासी क्षेत्रों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे.
