नई दिल्ली। सर्वाधिक आबादी वाले पिछड़ा वर्ग को अपने पाले में खींचने के लिए विपक्ष द्वारा जिस तरह से पसीना बहाया जा रहा है, उसे देखते हुए इस वर्ग पर अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए भाजपा ने भी जवाबी तैयारियां शुरू कर दी है।
देशभर के प्रमुख ओबीसी नेताओं के साथ बैठक
जातीय जनगणना के मुद्दे को गर्माने के विपक्ष के प्रयासों के बीच पार्टी ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर खास तौर पर ओबीसी वर्ग के लिए मास्टरप्लान पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने गुरुवार को देशभर के प्रमुख ओबीसी नेताओं के साथ मंथन किया।
नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष ने अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की।
इन राज्यों के नेता बैठक में शामिल
सूत्रों ने बताया कि इसमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार सहित लगभग दस राज्यों के पार्टी प्रदेश अध्यक्ष व अन्य शीर्ष नेताओं से पूछा गया कि उनके पास लोकसभा चुनाव में अपने-अपने राज्य में जीतने की क्या तैयारी और रणनीति है।
कठिन सीटों पर सबसे पहले और अधिक ध्यान देने पर जोर के साथ ओबीसी नेताओं से कहा गया कि इस वर्ग पर पार्टी की पकड़ मजबूत बनाए रखनी है। चूंकि, कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल जातीय जनगणना के मुद्दे को जोरशोर से उछालकर ओबीसी वर्ग को आकर्षित करना चाहते हैं, इसलिए अपनी रणनीति को भी उसी के अनुसार आकार और धार देनी होगी।
सरकार के काम को लोगों तक पहुंचाने पर जोर
शीर्ष नेताओं ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने पिछड़ा वर्ग के हित में सबसे अधिक निर्णय लिए हैं, राजनीतिक हिस्सेदारी भी सर्वाधिक दी है। अब चुनाव अभियान ऐसा हो कि यह संदेश इस वर्ग तक व्यापक रूप से पहुंचना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में इन दिनों मराठा आरक्षण का मुद्दा गर्माया हुआ है। चूंकि इस बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और चंद्रशेखर बावनकुले भी मौजूद थे, इसलिए मराठा आरक्षण को लेकर भी शीर्ष नेताओं ने अलग से चर्चा की।
