ट्विटर पर गुलजार, जिस्म का बाजार

जिस्मफरोशी कहें या वेश्यावृत्ति… देह के कारोबार पर अब ‘मॉडर्न’ जमाने का टैग है. धंधा अब इंटरनेशनल लेवल पर और धड़ल्ले से चल रहा है. इसमें लिप्त महिलाओं की अपनी डिमांड, अपनी शर्तें हैं. ग्राहक हाईक्लास हैं और कमाई लाखों में. ये कारोबार अमेरिका, स्विटजरलैंड, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात और भारत समेत तकरीबन हर देश में फैला हुआ है. यही वजह है कि इस धंधे से जुड़ी महिलाएं इंटरनेशनल ट्रैवल करती हैं. कारोबार ऑनलाइन चल रहा है. जिसमें ट्विटर बड़ा अहम किरदार बन गया है और यही ज्यादा चिंता की बात है क्योंकि ये वो प्लेटफॉर्म है, जहां तक हमारे-आपके बच्चे भी आसानी से पहुंच सकते हैं.

इन कॉल गर्ल्स ने ट्विटर पर बाकायदा अपने पर्सनल अकाउंट बनाए हुए हैं. इनमें से कई के अकाउंट वेरिफाइड भी हैं. ये अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर बताती हैं कि वो कितने समय तक किस देश में ठहरेंगी? बुक करना है, तो वेबसाइट पर जाना होगा, जिसका लिंक ट्विटर के बायो में ही है. वेबसाइट पर उस लड़की से जुड़ी पूरी जानकारी मिलेगी, कि वो कहां से है? उसकी लंबाई कितनी है? वो कितने साल की है? बाल और रंग कैसा है? ग्राहक को कितना पैसा देना होगा? और कौन सी शर्तें पूरी करनी होंगी?

दावोस में भी एक्टिव थी एस्कोर्ट सर्विस
जिस्मफरोशी की इस सर्विस को इंटरनेशनल कॉल गर्ल्स ने अब एस्कोर्ट सर्विस (Escort Service) का नाम दे दिया है. हर साल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पांच दिवसीय बैठक का आयोजन करता है, जिसमें सीईओ, गणमान्य व्यक्ती, उद्योगपती और मीडिया से जुड़ी हस्तियां शामिल होती हैं. 18 जनवरी, 2023 को न्यूयॉर्क पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट से पता चला है कि यहां अमीर और पावरफुल लोगों को सर्विस देने के लिए एक कॉल गर्ल ने एक रात के दो लाख रुपये तक वसूले.

रिपोर्ट के मुताबिक दावोस में हुई बैठक के दौरान बुकिंग्स काफी ज्यादा बढ़ गई थीं. लियाना नाम की कॉल गर्ल ने कहा कि वह दावोस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले एक अमेरिकी अधिकारी को सर्विस देती है. इसके लिए उसे प्रति घंटे के 60 हजार या प्रति रात के दो लाख रुपये मिलते हैं. वो बाकायदा बिजनेस ड्रेस में जाती है. जहां वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लेने आए अन्य लोग भी होते हैं, ताकि भीड़ में कोई उसे पहचान न सके.

जर्मनी की रहने वाली कॉल गर्ल सलोमी ने भी इसी रिपोर्ट में दावोस में अपने अनुभव के बारे में बताया. उसका कहना था कि स्विटजरलैंड में सम्मेलन के दौरान डेट पर जाने पर रात के 2 बजे भी गन लिए होटल में सिक्योरिटी दिखाई देती है. फिर क्लाइंट के साथ रेस्तरां में चॉकलेट शेयर करना होता है और अमीरों के बारे में गपशप होती हैं. ये रिपोर्ट डेलीमेल ने भी प्रकाशित की थी.

जापान टाइम्स में 19 नवंबर, 2022 को एक रिपोर्ट छपी. जिसमें बताया गया कि एलन मस्क के ट्विटर का मालिक बनने के बाद उसमें होने वाले बदलावों से कॉल गर्ल्स और जिस्मफरोशी का धंधा करने वाली लड़कियां डरी हुई हैं. ब्रिटेन की 34 साल की ऑनलाइन वेश्या काउंटेस ने बताया कि ट्विटर से ही एक महीने में 34 हजार से ज्यादा लोग उसकी वेबसाइट पर आए.

इस संबंध में फोर्ब्स ने 30 जनवरी, 2014 में एक रिपोर्ट छापी थी. इसमें ट्विटर पर वेश्यावृत्ति के कारोबार को लेकर की गई स्टडी की जानकारी दी गई थी. 2 जनवरी, 2023 को छपी सिएटल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्विटर बोट्स एस्कॉर्ट्स (कॉल गर्ल) और सट्टेबाजी को प्रमोट कर रहे हैं.

डेट्स हों या रेट, ऑनलाइन हर अपडेट
हमने एक-एक कर इन महिलाओं के ट्विटर अकाउंट्स खंगाले और कुछ से संपर्क भी साधा. सबसे पहले हमने सारा नाम के अकाउंट को देखा. इसमें पोस्ट कर साफ बताया गया है कि ये कब तक, कहां मौजूद रहेगी. जब बायो में दी गई वेबसाइट पर गए, तो सबसे पहले लिखा दिखता है, ‘मैं अप्रैल 2023 के आखिर तक उपलब्ध नहीं हूं. आने वाले महीनों के लिए बुकिंग स्वीकार की जाएंगी- पसंदीदा तारीख के वीकेंड या रात भर के लिए.’ इसने खुद को यूरोपीय देश चेक गणराज्य के प्राग का रहने वाला बताया है. वेबसाइट के ऊपर की तरफ तीन लाइन दिख रही हैं, उस पर जाते ही उसने ये चीजें बताई हैं-

हाईटेक हुए धंधे के ग्राहक भी हाईप्रोफाइल

इसके बाद हमने चार्लीज नामक महिला का अकाउंट देखा. इसमें भी वही सब दिखा, जो पिछले अकाउंट्स में था. इसमें दिए गए कॉन्टैक्ट पर हमने संपर्क किया और दिल्ली की सर्विस को लेकर जानकारी ली. इसने खुद को ऑस्ट्रेलिया का रहने वाला बताया है. जब चार्लीज को ई-मेल किया गया, तो उसकी तरफ से ये जवाब आया. इस तस्वीर में आपको इसके रेट भी पता चल सकते हैं.

चार्लीज से ई-मेल कर अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश की गई. इसके जवाब में उसने कहा कि वह अभी हांगकांग में है और इसके बाद दिल्ली आएगी. उसने फ्लाइट के टिकट सहित एक रात के लिए 5000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 2 लाख 84 हजार रुपये) मांगे.

साफ है कि जिस्मफरोशी का कारोबार पूरी दुनिया में कितनी आसानी से फलफूल रहा है. इंटरनेट के साथ ने इसे मॉडर्न तो बनाया ही है साथ ही पुलिस के शिकंजे से भी लगभग बाहर कर दिया है. देह की ये दुकानें और इनके दुकानदार बेखौफ हैं. ग्राहक इतने हाईप्रोफाइल होते हैं कि सरकारी एजेंसियों के रडार भी इनसे दूर ही रहते हैं. ट्विटर की तरफ से भी ऐसे अकाउंट्स पर रोक नहीं लगाई जा रही. उल्टा कई अकाउंट्स को वेरिफाई किया गया है जिनपर अश्लील तस्वीरें बिना किसी रोकटोक के शेयर की जा रही हैं. अब जबकि अकाउंट वेरिफाई करवाना और आसान हो गया है तो इसका प्रयोग धंधे के कई गुमनाम नाम अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए कर सकते हैं.

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