स्फटिक मणि सा बनाइये मन

पं श्रीराम शर्मा आचार्य असंभव को संभव बनाने वाला अन्तर्यात्रा का विज्ञान उनके लिए ही है जो अंतर्चेतना के वैज्ञानिक होने के लिए तत्पर हैं। योग साधक भी रहस्यवेत्ता वैज्ञानिक…

पुस्तक समीक्षा : कुलभूषण के बहाने विस्थापन की त्रासदी का आख्यान

श्री कृष्ण यादव कहानियां अपने समय से संवाद करती हुई सभ्यता की समीक्षा का इतिहास दर्ज कराती हैं।देश के पूर्वी हिस्से की बड़ी आवादी की त्रासदी यह रही है कि…

बापू! मैं आपकी आवाज पहचान गया हूं…

गौरव अवस्थी सखि वसंत आया! वसंत आने को हो और निराला जी याद न आएं, ऐसा संभव ही नहीं. वसंत हिंदी साहित्य के “सूर्य” महाप्राण निराला का स्वघोषित जन्मदिवस है.…

स्क्रीनशॉट

गति उपाध्याय मिर्जापुर आज फिर सिद्धार्थ ने बातों-बातों में तवलीन से कहा आपसे चैट करने में बहुत डर लगता है. वो थोड़ा सा सकपकाई फिर तुरंत ही खुद संयत करते…

ज़िन्दगी” सँवर जाती है उनकी, जिन्हे “अच्छे दिल” वाले लोग मिला करते हैं।

यू तो कविताएं और साहित्य हर किसी को पसंद होता है किंतु कुछ प्रतिभाएं बिना सही मंच और प्रोत्साहन के दबी रहती हैं ऐसी ही प्रतिभाओं को मुख्यधारा में लाने…

“पगडण्डी”———————————–

“पगडण्डी”———————————–    आज फिर उसी पगडण्डी से होते हुए चलती हुई उन यादों में खो जाती हूँ,,अपने गांव और गांव के नीचे बहती अलकनंदा की कलरव करती मधुर आवाज,सामने वही…

“बलमा जी का स्टूडियो”

अतीत और वर्तमान की ड्योढ़ी पर बैठे वर्तमान से एकदम मुंह फेरे मुझ जैसे तमाम नास्टैल्जिक पाठको के लिए कहानी “बलमा जी का स्टूडियो “हाथ पकड़कर उसी दुनिया में ले…

कविता – गुनहगारों की बस्ती

-गुनहगारों की बस्ती- माना  कि ये नहीं होते बेटा और  बेटी परंतु तुम्हारे गर्भ से जन्मी औलाद तो है न जिनके पैदा होने पर  वैसे ही उमड़ घुमड़ आँचल से…

पावस में खटराग बहुत है तुम ही इंतजार करते थे हम तो पहले ही कहते थे…

पावस में खटराग बहुत है तुम ही इंतजार करते थे हम तो पहले ही कहते थे पावस में खटराग बहुत है टपक रहा है घर का एक -एक  कोना- कोना…

दुःख से पहली बार मिलवाया था…तुम्हारी हंसी ने…

दुःख से पहली बार मिलवाया था तुम्हारी हंसी ने तुम्हारी उदासी ले गयी थी दर्शन की किताबों तक चालीस साल बाद भी स्पर्श का बीज -मन्त्र अजपा जाप- सा स्वचालित…