अतिशय राग बिखेर गया…आंसुओं का अंतहीन सिलसिला…

अतिशय राग बिखेर गया आंसुओं का अंतहीन सिलसिला मौन की घुटन भरी गुफा में पैर टिकाने नहीं आते आश्वस्त स्वर पथरायी आँखें बुनती हें अतीत के रुपहले ऊन से एक…

बेतार के तार बुनते सघन रिश्तों की बारीक चादर…

बेतार के तार बुनते सघन रिश्तों की बारीक चादर अदेखी उंगलियाँ रचती मखमली बेलबूटे अनमिली निगाहें फेंकती अवसादित रातों में तेज सर्च लाइट प्रामाणिक होता है हमेशा अनकहा ही अबोली…

जो नहीं है…वही है…कोई है…

जो नहीं है वही है कोई है जो शब्दों की रस्सी पकड कूद आया था कच्चे मन के अहाते में नंगे पैर खुल चुकी है रस्सी बिखर गयी हैं मात्राएँ…

उन्होंने मान लिया है मुल्क में सब ठीक है…

उन्होंने मान लिया है मुल्क में सब ठीक है होते रहना चाहिए धरनें प्रदर्शन लाठीचार्ज जम्हूरियत के लिए यह सब भी ठीक है गाजी मियां के सालाना उर्स की तरह…

आरएसएस 360 : संघ की पूर्ण प्रतिमा

लोकेन्द्र सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस, 2025 में अपनी यात्रा के 100 वर्ष पूरे कर लेगा। यह किसी भी संगठन के लिए महत्वपूर्ण बात होती है कि इतने लंबे…

ज़मीन मांगेंगे आसमान मांगेंगे हम अपने हक़ का हिसाब मांगेंगे ~कविता~

#stand_with_farmers ज़मीन मांगेंगे आसमान मांगेंगे हम अपने हक़ का हिसाब मांगेंगे मांगने पर आए तो तुम दे ना सकोगे  गुमां ये है कि हम क्या खाक़ मांगेंगे  लड़ने चले हम…

सारे पूर्वानुमानों को नकारते हुए कहीं तेज़ी से आगे बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था   

ग्वालियर : देश में कोरोना महामारी के चलते दिनांक 27 नवम्बर 2020 को वर्ष 2020-21 की द्वितीय तिमाही में, सकल घरेलू उत्पाद में, वृद्धि सम्बंधी आंकड़े जारी कर दिए गए…

कोई हद्दे निगाह है अब तक एक प्यारा गुनाह है अब तक ~गजल~

कोई हद्दे निगाह है अब तक एक प्यारा गुनाह है अब तक। जिसको चूमा था उसने हौले से वो हथेली सियाह है अब तक। कतरे कतरे में इश्क ज़िंदा है…

कितना भी बांट लो ये मोहब्बत न जाएगी ~गजल~

कितना भी बांट लो ये मोहब्बत न जाएगी हाथों में लिए हाथ ये संगत न जाएगी। साहिर के लफ्ज़ हों कि खय्याम की धुन हो जो बस गयी है रूह…

प्रेमचंद की कहानी ‘सवा सेर गेहूं का मंचन, रो उठे दर्शक

-प्रेमचंद की कहानी ‘सवा सेर गेहूं का मंचन, रो उठे दर्शक- जहां कोरोना के चलते नाट्य प्रस्तुतियां स्वप्न हो गई थी वही इस नाटक की प्रस्तुति से नाटक जगत में…