रांची : कॉमर्शियल कोर्ट द्वारा एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन) के सीएमडी व तीन प्लांट्स के जीएम के ऑफिस सील करने के आदेश के बाद की स्थिति से एचईसी ने केंद्र सरकार को अवगत कराया है। साथ ही एचईसी को आर्थिक मदद देने का आग्रह किया है। इसके लिए भारी उद्योग मंत्रालय को पत्र लिखा गया है। कहा गया है कि केंद्र से आर्थिक मदद नहीं मिली तो एचईसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विभिन्न कंपनियों की एचईसी पर देनदारी
पत्र में एचईसी की देनदारियों समेत विभिन्न कंपनियों के बकाए के बारे में बताया गया है। कुछ कंपनियों द्वारा बकाया व विलंब से कार्यादेशों की आपूर्ति पर विलंब शुल्क मांगने के बारे में बताया है। कुछ कंपनियों की ओर से एचईसी को मिले नोटिस की भी जानकारी दी है। केंद्र से तत्काल आर्थिक मदद देने का आग्रह करते हुए प्रबंधन ने कहा है कि यदि बकाया का भुगतान नहीं हुआ तो एचईसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मैटेरियल लेकर ढाई करोड़ का भुगतान नहीं किया
बता दें कि मंगलवार को कॉमर्शियल कोर्ट के आदेश के बाद एक दंडाधिकारी पुलिस बल के साथ सीएमडी और एचएमटीपी के महाप्रबंधक का कार्यालय सील करने गए थे। एचईसी ने 2012-13 में राउरकेला की कंपनी पायोनियर इंडस्ट्रीज से रॉ-मैटेरियल लिया था, लेकिन सप्लायर कंपनी को 2.50 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया। इसके एवज में कोर्ट ने सीएमडी कार्यालय सील करके कार्यालय के सामान को जब्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सीएमडी कार्यालय के साथ तीनों प्लांट एचएमबीपी, एफएफपी और एचएमटीपी के जीएम ऑफिस को भी सील कर सामान जब्त करने का आदेश दिया है।
