नई दिल्ली. मुंबई ड्रग्स केस में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा क्लीन चिट मिलने के बाद उन्हें इस मामले में गिरफ्तार करने वाले मुंबई जोन के एनसीबी चीफ रहे समीर वानखेड़े की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. एनसीबी के महानिदेशक एस.एन. प्रधान ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि “शुरुआती जांच में जिस तरह से जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने मामले को संभाला, उसमें कई खामियां पाई गईं.”
प्रधान ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया, “हम शीघ्र ही वानखेड़े को लेकर हुई निगरानी जांच पर अंतिम रिपोर्ट पेश करेंगे. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि उन्होंने जिस तरीके से इस मामले को संभाला उसमें कई खामियां थीं.” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सतर्कता दल इस मामले में भ्रष्टाचार के नजरिए से भी जांच कर रहा है और जल्द ही रिपोर्ट में सबकुछ सामने आ जाएगा. वहीं, समीर वानखेड़े ने आर्यन खान को क्लीन चिट मिलने के मामले में यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि वे अब इस केस में नहीं हैं.
केंद्र ने समीर वानखेड़े के खिलाफ कार्रवाई का दिया आदेश
इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने वित्त मंत्रालय से स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ क्रूज जहाज से मादक द्रव्य की बरामदगी मामले की कथित तौर पर लचर जांच करने को लेकर कार्रवाई करने को कहा है. उन्होंने कहा कि कथित तौर पर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र देने के मामले में भी वानखेड़े के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है. वानखेड़े भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए वित्त मंत्रालय नोडल प्राधिकरण है.
एनसीबी से आर्यन खान को क्लीन चिट
गौरतलब है कि एनसीबी ने बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को क्रूज जहाज पर मादक पदार्थ मिलने के मामले में शुक्रवार को क्लीन चिट दे दी, जिसके सिलसिले में उन्हें पिछले साल गिरफ्तार किया गया था. मामले में आर्यन खान के अलावा 19 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. दो को छोड़कर सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. एनसीबी ने एक बयान में कहा ”गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी-मुंबई ने 2 अक्टूबर, 2021 को विक्रांत, इश्मीत, अरबाज, आर्यन और गोमित को इंटरनेशनल पोर्ट टर्मिनल, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट पर जबकि नूपुर, मोहक और मुनम को कॉर्डेलिया क्रूज पर पकड़ा था. आर्यन और मोहक को छोड़कर सभी आरोपियों पास से मादक पदार्थ मिले थे.”
जांच के लिए एसआईटी गठित की गई
एनसीबी ने कहा, ”शुरुआत में, एनसीबी-मुंबई ने मामले की जांच की. बाद में, 5 नवंबर 2021 को एनसीबी ने मामले से समीर वानखेड़े को हटा दिया और आगे की जांच के लिए नई दिल्ली में एनसीबी मुख्यालय की तरफ से संजय कुमार सिंह, डीडीजी (संचालन) की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया. 11 नवंबर, 2021 को मामले की जांच एसआईटी ने अपने हाथ में ले ली थी.”
