नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के फैसलों का ऐलान किया. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट बढ़ाए जाने के ऐलान के साथ कई और बड़ी घोषणाएं भी की. आरबीआई ने एक पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च करने का एलान किया है जिसके जरिए लोगों को आसानी से सिक्के मिल सकेंगे. इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत आरबीआई क्यूआर कोड बेस्ड कॉइन वेंडिंग मशीन (Coin Vending Machine) को लगवाएगा.
शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 12 शहरों में क्यूआर कोड बेस्ड कॉइन वेंडिंग मशीन्स लगाई जाएंगी. मॉनिटरी पॉलिसी के बारे में जानकारी देते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि लोगों के लिए सिक्कों की उपलब्धता सुलभ और आसान बनाने के लिए आरबीआई ये पहल कर रहा है. आरबीआई गवर्नर के मुताबिक इसे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए बैंक अकाउंट से जोड़ा जाएगा.
ऐसे काम करेगी क्वाइन वेंडिंग मशीन
कॉइन वेंडिंग मशीन ऑटोमैटिक मशीन होती हैं जो बैंक नोट्स की बजाय सिक्के निकालती हैं. इस मशीन से सिक्के निकालने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करना होगा और फिर यूपीआई के जरिए अकाउंट से पैसे कटेंगे और उतने मूल्य के सिक्के बाहर निकलेंगे. कस्टमर्स अपनी मर्जी से जितनी चाहे और जिस रुपये का सिक्का निकालना चाहें, इसे चुन सकेंगे. इससे पहले कैश-बेस्ड कॉइन वेंडिंग मशीन का चलन था जिसमें नोट के बदले सिक्के निकाले जाते थे लेकिन अब सिर्फ क्यूआर कोड से काम चल जाएगा.
बता दें कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को लगातार छठीं बार रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी. मौद्रिक नीति बैठक (Monetary Policy Meeting) के बाद उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बढ़ती महंगाई का दबाव भारत पर भी है और इस पर पूरी तरह काबू पाने के लिए एक बार फिर कर्ज की ब्याज दरें बढ़ाना जरूरी हो गया है. हालांकि, इस बार रेपो रेट में सिर्फ 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की जा रही है.
