नई दिल्ली: बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए कांग्रेस बड़ा समझौता करने को तैयार है. 2019 आम चुनाव में कांग्रेस 421 लोकसभा सीटों पर लड़ी थी. वह बात अलग है कि जीत उसे सिर्फ 52 सीटों पर मिली. 2024 के लोकसभा चुनाव न सिर्फ कांग्रेस, बल्कि कई अन्य विपक्षी दलों के लिए भी राष्ट्रीय स्तर पर खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की लड़ाई है. बड़ी चुनौती बड़ा बलिदान भी मांगती है. कांग्रेस यह बलिदान करने को तैयार दिख रही है. पार्टी ने अपनी राज्य इकाइयों को संदेश भिजवा दिया है. 255 लोकसभा सीटों की लिस्ट बनी है, जहां 2024 में जीत के लिए पूरा दम लगाने को कहा गया है. कांग्रेस ने INDIA गठबंधन के सहयोगियों में मची खींचतान को देखते हुए यह रुख अपनाया है. देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी होने का दम भरने वाली कांग्रेस खुद को विपक्षी दलों के ‘बिग ब्रदर’ की भूमिका के लिए तैयार करने में लगी है. कैडर को 255 सीटों पर तैयारी का निर्देश देकर पार्टी ने INDIA ब्लॉक के सहयोगियों को इशारा कर दिया है कि वह 2019 के मुकाबले कमतर सीटों पर लड़ने को तैयार है. कांग्रेस अपना रुख नरम नहीं करती तो उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल तक में INDIA ब्लॉक की अनबन बढ़ती ही जाती. कांग्रेस ने गुरुवार को यह ऐलान भी कर दिया कि INDIA सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे पर फौरन ही बातचीत शुरू होगी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी लगातार बैठकें कर रहे हैं. AICC महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के साथ दोनों नेताओं ने पांच सदस्यीय नेशनल अलायंस कमेटी से मुलाकात की. कमेटी में मुकुल वासनिक, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, सलमान खुर्शीद और मोहन प्रकाश हैं. इन पांचों ने पिछले कुछ दिनों में राज्य इकाइयों के साथ मैराथन बैठकें की हैं. इसकी रिपोर्ट आलाकमान को सौंप दी गई है. द इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि AICC महासचिवों और राज्य प्रभारियों के साथ एक और बैठक में, खरगे ने कहा कि कांग्रेस 255 सीटों पर फोकस करेगी. राहुल भी इस बैठक का हिस्सा थे.
255 सीटों पर फोकस का मतलब यह है कि कांग्रेस इस बार INDIA गठबंधन के सहयोगियों के लिए कम सीटों पर लड़ने को तैयार है. कांग्रेस को यह तो पता है कि कुछ राज्यों में गठबंधन के सहयोगियों के साथ सीटों का बंटवारा आसान नहीं होने वाला. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में सीटों के लिए INDIA के दलों में पहले से ही खींचतान चल रही है.
2019 में कांग्रेस 421 सीटों पर लड़ी और केवल 52 पर जीती। तब पार्टी कुछ ही राज्यों में गठबंधन का हिस्सा हुआ करती थी। कांग्रेस ने बिहार में राजद, महाराष्ट्र में एनसीपी, कर्नाटक में जेडी(एस), झारखंड में जेएमएम और तमिलनाडु में डीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ा। बिहार की 40 में से 9 सीट, महाराष्ट्र की 48 में से 25, झारखंड की 14 में से 7, कर्नाटक की 28 सीटों में से 21 और तमिलनाडु की 39 में से 9 पर कांग्रेस ने ताल ठोकी थी। उत्तर प्रदेश की 80 में से 70 सीटों पर कांग्रेस लड़ी लेकिन बड़ी बुरी गत हुई।
पंजाब, यूपी, बंगाल… अपने ही नहीं चाह रहे बांटी जाए सीटें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने इशारा किया है कि वह पंजाब में कांग्रेस के साथ सीटें बांटने को तैयार है. लेकिन स्टेट यूनिट को लगता है कि राज्य में सत्ताधारी AAP से हाथ मिलाना आत्मघाती साबित होगा. यही रुख पश्चिम बंगाल कांग्रेस का भी है. वहां भी लोकल लेवल पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) से गठबंधन कांग्रेसियों के गले नहीं उतर रहा. लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़े सूबे, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की हालत डांवाडोल है. समाजवादी पार्टी ने 65 सीटों पर लड़ने की मंशा जाहिर की है, मतलब कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के लिए सिर्फ 15 सीटें ही बचेंगी. इस फॉर्म्युले पर कांग्रेसी नाक-भौं सिकोड़ रहे हैं.
कांग्रेस ने INDIA के सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे पर राज्यवार बात करने की सोची है. मतलब AAP से दिल्ली में सीट शेयरिंग पर अलग बात होगी और पंजाब के लिए अलग. ठीक ऐसा ही फॉर्म्युला बाकी राज्यों में भी अपनाया जाएगा. कांग्रेस की राष्ट्रीय गठबंधन समिति के संयोजक, मुकुल वासनिक ने कहा कि पार्टी ने अभी तक सीटों की संख्या तय नहीं की है. बकौल वासनिक, उनका लक्ष्य INDIA गठबंधन को केंद्र की सत्ता तक पहुंचाने का है. सीट बंटवारे को अंतिम रूप कब तक दिया जाएगा, इस बारे में कोई डेडलाइन नहीं तय की गई है.
नीतीश कुमार होंगे INDIA के सारथी! सेनापति कौन होगा?
खरगे और राहुल की मौजूदगी में जो बैठक हुई, उसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को INDIA गठबंधन का संयोजक बनाने पर भी चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने नीतीश के नाम पर हामी भर दी है. इससे पहले, दोनों नेताओं ने फोन पर नीतीश से बात की थी. INDIA बलॉक की अगली बैठक में नीतीश को संयोजक बनाने का औपचारिक ऐलान हो सकता है. पिछड़ी जाति से आने वाले नीतीश के रूप में INDIA को 2024 के रण का सारथी तो मिल गया है, एक अदद सेनापति की दरकार है. प्रधानमंत्री पद का चेहरा कौन होगा? यह सवाल INDIA गठबंधन के आगे मुंह बाए खड़ा है.
आम चुनाव 2024 की घोषणा में अब ज्यादा देर नहीं है. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अगुवाई में कांग्रेस की मैनिफेस्टो कमेटी भी पहली बार गुरुवार को मिली. अगले हफ्ते कमेटी की एक और बैठक होगी. खरगे ने कांग्रेसियों से कहा है कि वे आपसी मतभेद भुलाकर 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जी-जान से लग जाएं.
