इन सांसदों के लिए कोर्ट बन सकता है बड़ा रोड़ा, फैसला खिलाफ आया तो…

लखनऊ. उत्तर प्रदेश से ऐसे कई माननीय हैं जो इस बार जीत कर लोकसभा पहुंचे हैं, लेकिन उनके खिलाफ अलग-अलग अदालतों में विचाराधीन मुकदमों में आरोप भी तय हो चुके हैं. ऐसे में अगर अगले पांच साल के दौरान कोर्ट का फैसला उनके खिलाफ आता है और दो साल तक कि सजा हुई तो उनके सियासी करियर पर ब्रेक लगना भी तय है. इनमे पक्ष और विपक्ष सभी दलों के सांसद शामिल हैं जिनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं और कई मामलों में चार्जशीट भी दाखिल हो गई.

इस लिस्ट में पहला नाम आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद का है, जो कि पहली बार नगीना सुरक्षित सीट से जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं. उनपर 36 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमे से जयादातर गंभीर अपराध के है. इनमें चार अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने आरोप भी तय कर दिए हैं, अगर सजा हुई तो सांसदी नहीं बचेगी. इस लिस्ट में दूसरा नाम बाबू सिंह कुशवाहा का है जो इस बार जौनपुर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते हैं. इनके खिलाफ भी 25 मामले दर्ज हैं, जिनमे से आठ में आरोप तय हो चुके हैं. बाबू सिंह कुशवाहा NRHM घोटाले और आय से अधिक संपत्ति मामले में भी आरोपी हैं.

सुल्तानपुर सीट से मेनका गांधी को हारने वाले समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद रामभुआल निषाद पर भी आठ मामले दर्ज हैं. इनमे गैंगस्टर हत्या के प्रयास के मामले में आरोप तय हो चुके हैं. सजा मिलने पर उनकी भी सांसदी खतरे में पड़ सकती है. इस सूची में अगला नाम सपा के वीरेंद्र सिंह का है जिन्होंने चदौली से बीजेपी के महेंद्रनाथ पांडेय को हराया. उन पर भी गंभीर धाराओं में तीन मामले दर्ज हैं. एक मामले में तो पिछले साल कोर्ट में आरोप भी तय हो गया है. इसके अलावा सहारनपुर से कांग्रेस के टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे इमरान मसूद पर आठ मामले दर्ज हैं. ईडी ने मनी लॉन्डरिंग का भी मामला दर्ज किया है. उनके खिलाफ दर्ज दो मामलों में आरोप तय हो चुके हैं.

अफजाल अंसारी और धर्मेंद्र यादव का भी नाम

इस लिस्ट में अफजाल अंसारी का नाम भी है जो इस बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर गाजीपुर से जीते हैं. उन्हें गैंगस्टर के एक मामले में चार साल की सजा मिली थी और सदस्य भी चली गई थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद सदस्य्ता वापस मिल गई. यह मामला अब हाईकोर्ट में लंबित है और 30 जून से पहले फैसला भी आना है. अगर सजा बरकरार रही तो सदस्यता चली जाएगी. आजमगढ़ से जीते धर्मेंद्र यादव के खिलाफ भी एक मामले में आरोप तय हो चुके हैं.

इनके खिलाफ भी आरोप तय

इसके अलावा फतेहपुर सिकरी से बीजेपी सांसद राजकुमार चाहर, मोहनलालगंज से सपा संसद आरके चौधरी, बस्ती से सपा के टिकट पर जीते राम प्रसाद चौधरी, रालोद के बागपत से सांससद राजकुमार सांगवान, हाथरस से जीते बीजेपी के अनूप प्रधान और बिजनौर से रालोद के टिकट पर जीते चन्दन चौहान के खिलाफ दर्ज मुकदमों में आरोप तय हो चुके हैं. अगर दो साल तक की सजा हुई तो सांसदी जा सकती है.

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