फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, करोड़ों की हुई हेराफेरी

भोपाल। मध्य प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur) जिले में जीवित लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर सरकार को एक करोड़ का चूना लगाने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. हनुमानताल पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इन्होंने 30 से अधिक जीवित लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना में करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है.

जबलपुर के एसपी आदित्य प्रताप सिंह को हनुमानताल थाना में एमआईजी 4 आनंद नगर अधारताल निवासी सैयदा रिजवाना रिजवी ने एक लिखित शिकायत की थी. शिकायत में बताया गया था कि साल 2020 में उन्हें न्यू नेता कॉलोनी अधारताल निवासी शहजाद नामक युवक द्वारा ऑनलाइन कियोस्क से मजदूरी कार्ड बनाने की जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने शहजाद से संपर्क किया, तो उसने मजदूरी कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज और पांच हजार रुपये मांगा.

क्या है पूरा मामला?
इसके अलावा शहजाद ने शिकायतकर्ता महिला से आईडी, परिवार और उसका आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो भी ले लिया. महिला के अनुसार 6 महीने बाद साल 2021 में शहजाद ने उन्हें कार्ड बनाकर भी दे दिया था. इसी बीच यह जानकारी भी मिली कि शहजाद द्वारा लोगों के मजदूरी कार्ड का गलत उपयोग कर सरकारी योजना की राशि फर्जी तरीके से निकाली जा रही है. इसके बाद संदेह होने पर उन्होंने नगर निगम ऑफिस में पहुंचकर पूरी जानकारी ली. तब उन्हें यह बात मालूम हुई कि उनके मजदूरी कार्ड से ही मृत्यु प्रमाण लगाकर शासकीय योजना की रकम निकाली गई है.

जांच में हुआ ये खुलासा
पुलिस ने महिला की शिकायत के बाद विवेचना शुरू की गई. इस दौरान नगर निगम और बैंक से जानकारी प्राप्त की गई. योजना में आवेदन के साथ लगे दस्तावेज से यूनियन बैंक के खाता संख्या की जानकारी भी मिली. यह खाता आकिब रफीक के नाम से पाया गया, जिसमें एमपी बिल्डिंग हैदराबाद इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सेल से 8 अगस्त 2022 को 6 हजार और 13 अक्टूबर 2022 को दो लाख रुपये आने की जानकारी मिली.

वहीं जांच के बाद शेख शहजाद और न्यू आनंद नगर हनुमानताल निवासी आकिब रफीक द्वारा सैयदा रिजवाना के नाम पर सरकारी योजना में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ. इसके बाद इनके खिलाफ मध्य प्रदेश भवन और अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल भोपाल द्वारा जारी कार्ड का उपयोग, फर्जी दस्तावेज और जाली मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता का उपयोग कर सामाजिक सुरक्षा के तहत अनुग्रह सहायता राशि 2 लाख औरअंत्येष्टि सहायता राशि 6 हजार कुल मिलाकर कुल 2 लाख 6 हजार रुपये प्राप्त कर धोखाधड़ी उजागर होने पर मामला दर्ज किया गया.

हनुमानताल टीआई मानस द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी शेख शहजाद को कस्टडी में लिया. इसके बाद उसने आकिब रफीक से आधार कार्ड और बैंक पासबुक में एडिटिंग कराना. साथ ही उक्त दस्तावेज मो. सद्दाम शेख उर्फ सलमान को देकर नगर निगम कार्यालय में जमा करवाने और फर्जी दस्तावेज और मृत्यु प्रमाण पत्र से शासकीय योजना का लाभ लेना स्वीकार कर लिया.

इस पर पुलिस ने विधिवत रूप से शेख शहजाद के अलावा आकिब रफीक और रजा चौक मक्का नगर हनुमानताल निवासी मो. सद्दाम शेख उर्फ सलमान को गिरफ्तार किया. साथ ही उनके पास से 40 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जब्त किए. अभी तक की पूछताछ में 30 से अधिक जीवित लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर करीब एक करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा करना पाया गया है. आगे की पूछताछ के लिए आरोपियों को पुलिस रिमांड में लिया जा रहा है.

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