नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मामले में वैश्विक स्तर पर भारत की ताकत बढ़ाने और देश में ‘AI को सामान्य व्यक्ति तक पहुंचाने’ के लक्ष्य के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को इंडिया AI मिशन को मंजूरी दी। इसके लिए 10 हजार, 372 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इससे देश में कंप्यूटिंग क्षमता को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाएगा। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने बताया, ‘हाई एंड AI इकोसिस्टम बनाने के लिए जिस स्तर की कंप्यूटिंग कैपेसिटी की जरूरत है, उसके लिए लगभग 10 हजार ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालयों और रिसर्च इंस्टिट्यूट्स के साथ इंडस्ट्री को यह AI सुपर कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस इंडिया AI मिशन के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए एक AI मार्केटप्लेस भी डिजाइन किया जाएगा।’
अंडर ग्रैजुएट से पीएचडी तक होगी पढ़ाई
इस मिशन के तहत स्किल डिवेलपमेंट पर भी फोकस होगा। अंडर ग्रैजुएट और पीएचडी लेवल तक के प्रोग्राम डिवेलप किए जाएंगे। टियर 2 और 3 शहरों में डेटा और AI लैब्स बनाए जाएंगे ताकि वहां फाउंडेशन कोर्स उपलब्ध कराए जा सकें। स्टार्टअप्स को अर्ली स्टेज फाइनैंसिंग भी इस मिशन के जरिए मिलेगी। गोयल ने कहा कि इस मिशन के तहत AI को जिम्मेदार तरीके से डिवेलप करने और अपनाने पर जोर होगा। एक नैशनल डेटा मैनेजमेंट ऑफिस बनाया जाएगा, जो सरकारी विभागों के साथ मिलकर यह देखेगा कि AI डिवेलपमेंट के लिए नॉन-पर्सनल डेटा किस तरह उपलब्ध कराया जा सकता है। गोयल ने बताया, ‘पिछले साल दिसंबर में पीएम ने इस मिशन का विजन सामने रखा था। AI के इनोवेटर्स को और सहूलियत देने, AI को बड़े पैमाने पर एडॉप्ट करने और स्किल डिवेलपमेंट के लिए कई पहलुओं को इस मिशन में जोड़ा गया है।’
पीएम बोले- ऐतिहासिक दिन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘इंडिया एआई मिशन’ को सरकार की मंजूरी मिलने को टेक्नॉलजी और इनोवेशन के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया। पीएम ने एक्स पर लिखा, ‘तकनीक और नवाचार के लिए एक ऐतिहासिक दिन! इंडिया एआई मिशन को मिली कैबिनेट की मंजूरी एआई स्टार्टअप को सशक्त बनाएगी और कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे तक पहुंच का विस्तार करेगी, जो एआई इनोवेशन में ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में हमारी यात्रा में एक बड़ी छलांग होगी।’
