भारतीय जनता पार्टी ने मुसलमानों के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी इस रणनीति पर काफी समय से काम कर रही थी, लेकिन अब इसकी लॉन्चिंग हो गई है। गौरतलब है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार पार्टी कार्यकर्ताओं से कह चुके हैं कि वह वोट की चिंता किए बगैर समाज के सभी वर्गों तक जाएं और उनके साथ संवाद करें। पीएम मोदी ने पार्टी वर्करों को सलाह दे रखी है कि उनकी सरकार की ओर से जो कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, उसके बारे में समाज के हर वर्ग में जागरूकता लाना जरूरी है। बस इसी आधार पर भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने ‘सूफी संवाद महाअभियान’ लॉन्च किया है। अब पूरे साल भर तक अल्पसंख्यकों के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भाजपा का ‘सूफी संवाद महाअभियान’ शुरू
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने बुधवार से ‘सूफी संवाद महाअभियान’ के नाम से मुस्लिम संपर्क कार्यक्रम शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी ने यह महाअभियान लॉन्च किया है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने देश के हर कोने तक मुसलमानों के बीच पार्टी की पैठ बनाने और अभियान को सफल बनाने के लिए 150 गैर-राजनीतिक लोगों की एक टीम तैयार की है। इन लोगों को आगे समूहों में बांटकर उन्हें अगले चुनाव से पहले सभी महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों में अल्पसंख्यकों तक पार्टी की पहुंच तैयार करने के लिए भेजा जाएगा।
मुस्लिम-बहुत लोकसभा क्षेत्रों पर पार्टी की नजर
यह टीम देश की विभिन्न मुस्लिम-बहुल लोकसभा क्षेत्रों में जाएगी और वहां अल्पसंख्यकों तक यह बात पहुंचाएगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार की ओर से उनके लिए क्या-क्या काम किए गए हैं। इसके साथ ही अगले एक वर्ष तक इसी अभियान के हिस्से के रूप में देश भर में विभिन्न संवाद कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। एक साल तक इस तरह के अभियान और कार्यक्रम चलने के बाद आखिर में प्रधानमंत्री की अगुवाई में एक विशाल मुस्लिम आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
पीएम मोदी के निर्देश के अनुसार काम- जमाल सिद्दीकी
पार्टी की ओर से आयोजित इस तरह के जन-संपर्क अभियानों के बारे में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के एजेंडे के साथ सूफी समुदाय तक पहुंचने का निर्देश दिया है। विचार मुस्लिम समुदाय के बीच जाने और उन्हें ये बताना है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार जाति, पंथ या समुदायों में भेदभाव किए बिना सभी के लिए काम करती है। हम बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी के बारे में विपक्ष की झूठी धारणाओं को भी दूर करने का काम करेंगे।’
मुस्लिम-बहुल लोकसभा क्षेत्रों पर नजर
सूत्रों का यह भी कहना है कि ऐसे कार्यक्रम उन लोकसभा क्षेत्रों में बडे पैमाने पर आयोजित किए जाएंगे, जहां मुस्लिम आबादी 20 फीसदी या उससे भी अधिक है। इसके लिए कई तरह के कार्यक्रम किए जाने हैं, जैसे कि सेमिनार, संवाद, मुस्लिम समाज के लोगों के घरों में जाकर उनसे बातचीत करना आदि। ऐसे अभियान कई राज्यों में चलाए जाने हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं। इसके तहत पश्चिमी यूपी के लोकसभा क्षेत्रों, जैसे कि सहारनपुर, मेरठ, रामपुर और आजमगढ़ पर खास फोकस रहेगा, तो बिहार के सीमांचल में किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कठिहार पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा।
बीजेपी के लिए कल्याणकारी योजाओं का बड़ा सहारा
पिछले कुछ समय में प्रधानमंत्री ने कई बार पार्टी फोरम पर नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह अल्पसंख्यक समुदायों के बीच जाएं और उनसे संवाद बढ़ाएं। सूत्रों के मुताबिक इसी साल दिल्ली में आयोजित भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाह दी थी कि वे बिना वोट की चिंता किए समाज के सभी वर्गों के साथ संपर्क कायम करें, खासकर उन्होंने बोहरा और पसमांदा मुसलमानों की बात की थी। भारतीय जनता पार्टी को लगता है कि मुसलमानों और दूसरे अल्पसंख्यकों का समर्थन मिलने पर पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में 2014 और 2019 का भी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। पार्टी को लगता है कि कल्याणकारी योजनाएं मोदी सरकार की ऐसी सफलता है, जिसका लाभ समाज के हर वर्ग तक बिना किसी तरह के भेदभाव के पहुंच रहा है, इसलिए इस तरह के जनसंपर्क अभियान से उसे पक्का फायदा मिलने की संभावना है।
