कितना आसान है अजहरुद्दीन के लिए विधायक बनने की राह!

नई दिल्ली: कांग्रेस ने तेलंगाना की जुबली हिल्स विधानसभा सीट से पूर्व क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन को चुनावी मैदान में उतारा है। इसके बाद से ही यह सीट काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। अजहरुद्दीन भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रहे हैं। इस समय उनकी उम्र 60 साल है। उनका क्रिकेट करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वैसे ही राजनीतिक पारी भी अजहरुद्दीन के लिए आसान नहीं होने वाली है। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि क्या वे कांग्रेस पार्टी को वहां से जीत दिला पाएंगे क्योंकि कांग्रेस आज तक यह सीट जीत नहीं पाई है।

अजहरुद्दीन ने 2009 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद सीट से लड़ा था। यहां उन्हें करीब 50 हजार वोटों के अंतर से जीत मिली थी। इसके बाद साल 2014 का लोकसभा चुनाव उन्होंने कांग्रेस के ही टिकट पर राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर सीट से लड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में वे तेलंगाना की सिकंदराबाद सीट से टिकट चाहते थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला।

सासंद के तौर पर प्रदर्शन

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक सांसद के रूप में अजहरुद्दीन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। पांच वर्षों में उन्होंने केवल दो बहसों में हिस्सा लिया जबकि सांसदों की राष्ट्रीय भागीदारी का औसत 37.9% और उत्तर प्रदेश के सांसदों की भागीदारी का औसत 43.9% था। उन्होंने अपने कार्यकाल के पूरे पांच वर्षों में सिर्फ पांच प्रश्न पूछे।

वहीं तेलंगाना कांग्रेस जुबली हिल्स से अजहरुद्दीन को टिकट देने को उनके लिए अच्छा मौका मान रही है। इस सीट से बीजेपी ने राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य लंकाला दीपक रेड्डी को चुनावी मैदान में उतारा है। इस समय इस सीट पर सत्तारूढ़ टीडीपी अब (बीआरएस) का कब्जा है और उसके नेता गोपीनाथ विधायक हैं।

किसे कितने वोट मिले

2014 के चुनाव में गोपीनाथ को जुबली हिल्स में 30.78 प्रतिशत वोट मिला था, कांग्रेस पार्टी को 20.34 प्रतिशत तो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को 25.19 प्रतिशत वोट मिले थे। जुबली हिल्स में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कुल 3,41,537 मतदाता थे। उस समय तेलंगाना राष्ट्र समिति के उम्मीदवार मागन्ती गोपीनाथ को 68,979 वोट मिले थे, कांग्रेस के उम्मीदवार पी. विष्णुवर्धन रेड्डी को 52,975 वोट मिले थे। गोपीनाथ को 16,004 वोटों के अंतर से बड़ी जीत मिली थी।

अब देखना होगा कि अजहरुद्दीन इस बार यह सीट कांग्रेस पार्टी की झोली में डाल पाते हैं या नहीं। गौरतलब है कि राज्य में इस समय भारत राष्ट्र समिति की सरकार है। राज्य की सभी 119 विधानसभा सीटों के लिए 30 नवंबर को एक ही चरण में मतदान होना है। मतों की गिनती 3 दिसंबर को की जाएगी और उसी दिन शाम तक अंतिम नतीजे सामने आ पाएंगे। चुनावों के बीच राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है।

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