Sunday, July 5, 2026
नेशनल फ्रंटियर, आवाज राष्ट्रहित की
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार
No Result
View All Result
नेशनल फ्रंटियर
Home राष्ट्रीय

बढ़ते तापमान के साथ बढ़ रही इसकी आबादी, हर साल लाखों करोड़ का कर रहे नुकसान

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
11/05/24
in राष्ट्रीय, समाचार
बढ़ते तापमान के साथ बढ़ रही इसकी आबादी, हर साल लाखों करोड़ का कर रहे नुकसान
Share on FacebookShare on WhatsappShare on Twitter

नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन के साथ ही दीमक का खतरा तेजी से बढ़ा है। दुनिया के अधिकांश शहर छोटे लेकिन विनाशकारी और आक्रामक कीट दीमक की चपेट में आ रहे हैं। बढ़ता तापमान ठंडे क्षेत्रों को भी दीमकों के अनुकूल बना रहा है।  दीमकों की वजह से दुनिया को हर साल 3,33,715 करोड़ रुपए (4,000 करोड़ डॉलर) से ज्यादा का नुकसान हो रहा है।

यह जानकारी जर्नल नियोबायोटा में प्रकाशित शोध अध्ययन में मिली है। वैश्विक स्तर पर जिस तरह जलवायु में बदलाव आ रहे हैं और दुनिया गर्म हो रही है उसके कारण यह आक्रामक जीव उन शहरों में भी तेजी से फैल रहे हैं जहां पहले इनका नामोनिशान नहीं था। इन शहरों में साओ पाउलो, लागोस,मियामी,जकार्ता और डार्विन जैसे गर्म स्थानों के साथ साथ लंदन, पेरिस, ब्रुसेल्स न्यूयॉर्क और टोक्यो जैसे ठंडे समशीतोष्ण शहर भी शामिल हैं। आमतौर पर उष्णकटिबंधीय जलवायु में पनपने वाले यह दीमक अपने प्राकृतिक आवास से दूर शहरों में बढ़ती कनेक्टिविटी और जलवायु में आ रहे बदलावों के कारण आसानी से पहुंच रहे हैं। बढ़ता शहरीकरण भविष्य में आक्रामक दीमकों के व्यापक प्रसार में और मददगार होगा। जहाजों द्वारा दूर दराज के क्षेत्रों में भेजे जाने वाले लकड़ी के फर्नीचर सहित अन्य सामान और इनकी वैश्विक आवाजाही की वजह से दीमक घरों और प्रतिष्ठानों में फैल जाते हैं।

इसलिए बनाते हैं लकड़ियों को निशाना

दीमकों द्वारा लकड़ियों को ही निशाना बनाने की मुख्य वजह सेल्यूलोज होता है, जो दीमकों का मुख्य आहार है। सेल्यूलोज पेड़, पौधे, लकड़ी, घास आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। दीमकों के मुंह की बनावट ऐसी होती है कि उनके लिए लकड़ी और इस तरह की चीजों को खाना आसान होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि लकड़ी के एक छोटे से टुकड़े में बसी एक अकेली दीमक कॉलोनी, वेस्ट इंडीज से आपके अपार्टमेंट तक गुप्त रूप से यात्रा कर सकती है। यात्रा के बाद एक बार जब दीमकों के राजा, रानियां प्रकाश की ओर आकर्षित होते हैं तो वे अपनी आबादी बढ़ाना शुरू कर देते हैं। एक छोटा सा कीड़ा जो धीरे-धीरे घरों में सेंध लगाता है, लेकिन यदि एक बार इसने डेरा जमा लिया तो इसे वहां से हटाना आसान नहीं होता।

3 से 5 साल में परिपक्व होती है एक दीमक कॉलोनी

एक दीमक कॉलोनी 3 से 5 साल में परिपक्व होती है और झुंड (पंख वाले वयस्क) पैदा करना शुरू करती है। उत्तरी कैरोलिना में भूमिगत दीमकों की कम से कम तीन मूल प्रजातियां हैं जो सर्दियों के अंत में झुंड बनाना शुरू करती हैं। झुंड आमतौर पर दिन के दौरान हमलावर होते हैं, खासकर बारिश के बाद गर्म दिनों में। जब झुंड घर के अंदर होता है, तो इसका मतलब होता है कि घर के भीतर कहीं न कहीं संक्रमण है। चींटियों की कई प्रजातियां भी दीमक के रूप में वर्ष के एक ही समय में झुंड में आती हैं।

About

नेशनल फ्रंटियर

नेशनल फ्रंटियर, राष्ट्रहित की आवाज उठाने वाली प्रमुख वेबसाइट है।

Follow us

  • About us
  • Contact Us
  • Privacy policy
  • Sitemap

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .

  • होम
  • मुख्य खबर
  • समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • विंध्यप्रदेश
    • व्यापार
    • अपराध संसार
  • उत्तराखंड
    • गढ़वाल
    • कुमायूं
    • देहरादून
    • हरिद्वार
  • धर्म दर्शन
    • राशिफल
    • शुभ मुहूर्त
    • वास्तु शास्त्र
    • ग्रह नक्षत्र
  • कुंभ
  • सुनहरा संसार
  • खेल
  • साहित्य
    • लेख
    • कला संस्कृति
  • टेक वर्ल्ड
  • करियर
    • नई मंजिले
  • घर संसार

© Copyright 2025 Uma Shankar Tiwari - All Rights Reserved .