देहरादून। बदरीनाथ धाम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामला सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को बदरीनाथ विधानसभा से विधायक लखपत बुटोला ने इस मामले पर सरकार और बदरी केदार मंदिर समिति पर हमला बोला है और कई सवाल उठाए हैं। इस दौरान वे काफी भावुक नजर आए।
विधायक लखपत बुटोला ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और चढ़ावे के रखरखाव व उसके लेखा-जोखा में गंभीर लापरवाही बरती गई है। जोकि काफी गंभीर विषय है।
बुधवार को मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुए बुटोला ने कहा कि वे इस पवित्र और पावन भूमि का प्रतिनिधित्व करता हैं, जहां पर साक्षात भगवान विष्णु का बैकुंठ धाम है, जहां गुरुओं की तपोभूमि हेमकुंड साहिब है। लेकिन इस पावन देव स्थान के पवित्र मंदिरों में चढ़ावे की चोरी हो रही है। इससे उनका मन काफी दुखी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में केवल एक वैकक्तिक सहायक को निलंबित कर कार्रवाई पूरी नहीं मानी जा सकती है। इसलिए इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच होनी चाहिए। बुटोला ने कहा कि उनकी चिंता सिर्फ इतनी तक सीमित नहीं है कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जा रही है, बल्कि उससे भी गंभीर बात यह है कि सरकार की शह पर पूरे देश में सनातन बदनाम हो रहा है और करोड़ों लोगों की आस्था पर ठेस पहुंच रही है।
उन्होंने इस मामले पर सीधे-सीधे मुख्यमंत्री को दोषी करार दिया और कहा कि यह पूरा षड्यंत्र सरकार की शह पर रचा गया। बुटोला का कहना है कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा मामले में पीएमओ अपनी जवाब देही से नहीं बच सकते, क्योंकि ट्रस्ट में नियुक्ति केंद्र सरकार की तरफ से हुई थी। इसी तरह राज्य सरकार एक छोटे से कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकती है। क्योंकि बीकेटीसी के सदस्य सरकार चुनती है, इसलिए यहां हुई धोखाधड़ी को निष्पक्ष तरीके जांच कराने की जिम्मेदारी भी सरकार की बनती है।
