नेता सिक्योरिटी ले सकते हैं, पर दिखावा मत कीजिए… हाईकोर्ट ने दी नसीहत

चंडीगढ़: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बीजेपी नेता अरविंद कुमार शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें सुरक्षा देने के आदेश जारी किए हैं। अरविंद शर्मा पर पंजाब सरकार ने आरोप लगाया था कि वो मुख्य रूप से समाज में अपनी स्थिति दिखाने के लिए सुरक्षा मांगी थी। हाईकोर्ट ने ये आदेश जारी करते हुए कहा कि उन्हें पुलिस गार्ड के साथ सार्वजनिक समारोहों, शादियों और पार्टियों में शामिल होने से बचना चाहिए। न्यायमूर्ति अनूप चितकारा ने यह आदेश अरविंद कुमार शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया, जो खुद को भाजपा का वरिष्ठ सदस्य और हिंदू शक्ति संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने का दावा करते हैं। शर्मा ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स की धमकियों से सुरक्षा मांगी थी, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने 6 फरवरी, 2022 को उन्हें एक धमकी भरा पत्र भेजा था।

हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार, याचिकाकर्ता वास्तविक खतरे की आशंका महसूस होने पर संबंधित एसएसपी से संपर्क कर सकता है और एसएसपी उसे दिन-प्रतिदिन के आधार पर सुरक्षा प्रदान करेगा। आदेश में कहा गया कि याचिकाकर्ता इस दौरान पूरी तरह से सहयोग करेगा और किसी भी सार्वजनिक समारोह, शादी, पार्टियों में शामिल नहीं होगा। अनावश्यक रूप से अपनी जान जोखिम में डालकर क्षेत्र में नहीं घूमेगा। यदि उपरोक्त स्थानों पर न जाने के संबंध में आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो सुरक्षा तुरंत वापस ले ली जाएगी।

30 दिन लागू रहेगा आदेश

यह आदेश केवल 30 दिनों तक लागू रहेगा और यदि खतरे की आशंका अभी भी बनी रहती है तो वह संबंधित एसएसपी से संपर्क कर सकता है। याचिकाकर्ता का कहना था कि खालिस्तान लिबरेशन फोर्स ने उसे 6 फरवरी, 2022 को एक पत्र भेजकर धमकी दी थी। याचिका का जवाब देते हुए, पुलिस ने कहा कि जांच की गई थी, जिसके दौरान याचिकाकर्ता प्रस्तुत नहीं हुआ। ऐसी धमकियों के संबंध में कोई ठोस सबूत।

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