नई दिल्ली. भारतीय सुरक्षाबलों को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षा बलों ने एक आईईडी को डिटेक्ट किया और उसे बम निरोधक दस्ते की मदद से डिफ्यूज भी कर दिया. अतंकियों ने इस आईईडी को भारतीय सेना को निशाना बनाते हुए प्लांट किया था. आगामी गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों की प्लानिंग भारतीय सेना को निशाना बनाने की थी. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते एक बड़ी आतंकी घटना को टालने में मदद मिली. सेना इस वक्त इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है ताकि आतंकियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके. केंद्र सरकार कश्मीर में आतंकवाद को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है.
इससे पहले 12 जनवरी को जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में भारतीय सेना के वाहन पर आतंकियों द्वारा हमला किया गया था. पुंछ के खनेतर क्षेत्र में आतंकवादियों ने सेना के वाहनों पर घात लगाकर हमला किया. जिसके बाद जवानों ने जवाबी फायरिंग की. इससे पहले राजौरी के डेरा की गली में दो सैन्य वाहनों पर घात लगाकर किए गए हमले में चार सैनिक मारे गए और पांच अन्य घायल हो गए थे.
‘आतंकी’ की संपत्ति कुर्क
एक सप्ताह पहले ही जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में अधिकारियों ने आतंकवाद से जुड़े मामले में एक आरोपी की संपत्ति कुर्क की थी. पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा था कि यह संपत्ति अब्दुल सलाम राठेर की है, जिसका बेटा जहूर अहमद राठेर कथित तौर पर आतंकवादियों के सहयोगी के रूप में काम कर रहा था और आतंकवादियों को खाना, आश्रय और अन्य सहायता प्रदान कर रहा था. संपत्ति को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के विभिन्न प्रावधानों के तहत कुर्क किया गया. प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए पुलिस ने संबंधित कार्यकारी मजिस्ट्रेट के साथ अनंतनाग के तांगपावा-कोकेरनाग में अब्दुल सलाम राठेर की आवासीय संपत्ति को कुर्क किया है.’’
