नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में पीएम ई-बस सेवा को मंजूरी दे दी गई है. इस पर 57,613 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसमें 20 हजार करोड़ भारत सरकार देगी. इसके सेवा के अंतर्गत देश भर में लगभग 10,000 नई इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ये ई-बस सेवा 2037 तक चलेगी और यह 100 शहरों में शुरू की जाएगी. इसके अलावा बस रैपिड ट्रांजिट प्रोजेक्ट बनाया जाएगा. पीएम नरेंद्र मोगी की अगुवाई में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सावर्जनिक परिवहन सेवा के विस्तार के तहत यह कदम उठाया गया है.
वहीं, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने 13,000 करोड़ रुपए की लागत वाली विश्वकर्मा योजना को भी मंजूरी दी है, जिसमें परंपरागत पेशे से जुड़े लोगों को सस्ती दर पर दो लाख रुपए तक का कर्ज मिलेगा. उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा योजना से परंपरागत पेशे से जुड़े 30 लाख परिवारों को लाभ होगा.
रेलवे के 7 प्रोजेक्ट को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रेलवे के 7 बड़े सेक्शन के लिए प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. कुल 32500 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है. इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, महाराष्ट्र, झारखंड और पश्चिम बंगाल को काफी फायदा मिलेगा. गोरखपुर से बाल्मिकी नगर तक रेलवे पटरियों का दोहरीकरण पर सहमति बनी है, जिसमें 1269 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसके अतिरिक्त गंडक नदी पर एक किलोमीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा, जिससे बिहार और यूपी के साथ ही नेपाल को भी फायदा मिलेगा.
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले:
- स्वनिधि योजना के अंतर्गत 70 हजार करोड़ की सहायता की गई है और इससे 42 लाख लोगों को फायदा पहुंचा है.
- डिजिटल इंडिया के एक्सटेंशन में 14903 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है. आईटी प्रोफेशनल का स्किल अपग्रेड किया जाएगा.
- इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी के लिए 2 लाख 65 हजार लोग स्किल होंगे. उमंग में 540 सर्विस और 9 सुपर कंप्यूटर और जोड़े जाएंगे.
- भाषणी ऐप का विस्तार किया जाएगा. एमएसएमई के लिए डीजी लॉकर बनाया जाएगा.
- टियर 2 और 3 शहरों में 1200 स्टार्टअप को सपोर्ट किया जाएगा. साइबर सिक्योरिटी के लिए कई टूल का विस्तार किया जाएगा.
