चुनावी वर्ष में लोकलुभावन वादों से मोदी सरकार बनाई दूरी!

नई दिल्ली : इस बार के बजट में सरकार ने किसी भी तरह के लोकलुभावन घोषणाओं से बचने की कोशिश करते हुए बिल्कुल सधी हुई बातें ही रखीं। सरकार ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का गुरुवार को लोकसभा में पेश किया गया अंतरिम बजट एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आकांक्षी भारत तक पहुंचने की कोशिश रही। इससे पता चलता है कि सरकार अगले लोकसभा चुनाव में सत्ता में वापसी को लेकर निश्चिंत है। वित्तमंत्री ने कहा कि पूरे देश के विकास के भाव के साथ देश ने महामारी की चुनौती पर सबके प्रयास से काबू पा लिया।

सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में लंबे कदम उठाए हैं

इसके साथ ही सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में लंबे कदम उठाए, ‘पंच प्राण’ के लिए प्रतिबद्धता जताई और ‘अमृत काल’ की मजबूत नींव ठोस कदम उठाए। इसका नतीजा यह है कि हमारे युवा देश की उच्च आकांक्षाएं हैं, अपने वर्तमान पर गर्व है और अच्छे भविष्य के लिए आशा और विश्वास है। वित्तमंत्री ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि हमारी सरकार को उसके शानदार काम के आधार पर जनता एक बार फिर शानदार जनादेश देगी।”

वित्तमंत्री के भाषण में ‘अमृत काल’ की रणनीति पर पूरा एक खंड था

भाषण का एक बड़ा हिस्सा इस बारे में था कि नरेंद्र मोदी सरकार ने क्या हासिल किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार 2014 से पहले ‘हम कहां थे’ और आज भारत कहां है, इस पर एक श्वेत पत्र लाएगी। भाषण में ‘अमृत काल’ की रणनीति पर एक पूरा खंड था, जिससे पता चलता है कि बीजेपी का मानना है कि वह वर्षों तक सत्ता में बनी रहेगी।

सरकार का बजट में महिला कल्याण योजनाओं पर प्रमुखता से जोर

सीतारमण ने महिलाओं के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताते हुए तत्काल तीन तलाक को अवैध बनाने का भी जिक्र किया। इसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटों का आरक्षण और पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को एकल या संयुक्त स्वामी के रूप में 70% से अधिक घर देना शामिल है।

बीजेपी की वैचारिक पिच को कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ते हुए वित्त मंत्री ने कहा: “पहले सामाजिक न्याय ज्यादातर एक राजनीतिक नारा था। हमारी सरकार के लिए सामाजिक न्याय एक प्रभावी और आवश्यक शासन मॉडल है। सभी पात्र लोगों को शामिल करने का संतृप्ति दृष्टिकोण सामाजिक न्याय की सच्ची और व्यापक उपलब्धि है। यह कार्रवाई में धर्मनिरपेक्षता है, भ्रष्टाचार को कम करती है और भाई-भतीजावाद को रोकती है। इसमें पारदर्शिता और आश्वासन है कि लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचाया जाता है, संसाधनों का उचित वितरण किया जाता है। सभी को उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा की परवाह किए बिना, अवसरों तक पहुंच मिलती है। हम प्रणालीगत असमानताओं को दूर कर रहे हैं जिसने हमारे समाज को त्रस्त कर दिया है।

सीतारमण ने कहा, सरकार के एजेंडे में अगले मुद्दों में से एक, “तेजी से जनसंख्या वृद्धि और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर व्यापक विचार के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति” थी। उन्होंने कहा, “समिति को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के संबंध में इन चुनौतियों से व्यापक रूप से निपटने के लिए सिफारिशें करने का काम सौंपा जाएगा।”

बजट भाषण में सीमित लोकलुभावन पिच अगले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2 करोड़ नए घरों के निर्माण की घोषणा करना और आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत के विस्तार की घोषणा करना था।

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