उत्तराखंड : ना बैंड-बाजा, ना बारात, शादी में इतनी सादगी कि हर कोई कर रहा है तारीफ

अल्मोड़ा l कोरोना संकट और लॉकडाउन के चलते शादी समारोहों पर खासा असर पड़ा है। इस दौरान कई लोगों ने शादियां कैंसिल कर दीं, तो वहीं कुछ ऐसी शादियां भी हुईं, जिनकी सादगी ने हर किसी का दिल जीत लिया। इन शादियों में न तो बैंड-बाजा था, न नाच-गाना और न खानपान। और तो और दोस्त-यार और रिश्तेदार भी नदारद रहे। एक ऐसी ही शादी की तस्वीरें अल्मोड़ा से आई हैं। जहां डीएफओ महातिम यादव ने डॉ. प्रियंका यादव संग सादगी से कोर्ट में विवाह कर लिया।

कोरोना के खतरे को देखते हुए डीएफओ महातिम यादव और उनकी जीवनसंगनी ने जो फैसला लिया, आज हर कोई उसकी तारीफ कर रहा है। इन दोनों अधिकारियों ने कोर्ट मैरिज करते हुए सादगी की मिसाल पेश की। डीएफओ महातिम यादव अल्मोड़ा वन प्रभाग में तैनात हैं। जबकि उनकी जीवनसंगीनी डॉ. प्रियंका अल्मोड़ा के जिला अस्पताल में ईएमओ के तौर पर सेवाएं दे रही हैं। सोमवार को इन दोनों अधिकारियों ने कोर्ट मैरिज कर ली।

इस दौरान शादी में डीएफओ महातिम के परिवार से उनके भाई ही शामिल हुए। शादी में सिर्फ 3 से 4 लोग ही मौजूद थे। शादी के दौरान डॉ. प्रियंका यादव कुमाऊंनी पिछौड़ा पहने नजर आईं। वो बेहद खूबसूरत लग रही थीं। डीएफओ महातिम यादव यूपी के रहने वाले हैं और दुल्हन डॉ. प्रियंका हरियाणा की निवासी हैं। सादगी से शादी करने के फैसले को लेकर आईएफएस अधिकारी महातिम ने जो कहा, वो सुनकर आप भी उनकी सोच को सराहेंगे।

डीएफओ महातिम ने कहा कि कोरोना फैलने का मुख्य कारण सामाजिक कार्यक्रम भी हैं, ऐसे में उन्होंने कोरोना काल में सादगी और कानूनी रूप से वैध विवाह करना ही उचित समझा। ज्यादातर लोग दिखावा करने के चक्कर में शादी समारोहों में लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। इसके बजाय शादी सादगी से भी की जा सकती है। समारोहों में खर्च होने वाला पैसा दूसरे जरूरी कामों में खर्च किया जा सकता है। कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए हमें खर्चीले समारोह के मोह से बचना होगा।


खबर इनपुट एजेंसी से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *