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पत्नी की अश्लील चैटिंग कोई भी पति बर्दाश्त नहीं कर सकता : हाई कोर्ट

Jitendra Kumar by Jitendra Kumar
14/03/25
in राज्य, समाचार
पत्नी की अश्लील चैटिंग कोई भी पति बर्दाश्त नहीं कर सकता : हाई कोर्ट
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भोपाल: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने हाल ही में एक केस आया जहां पत्नी ने आरोप लगाया था कि पति उसके साथ हिंसा करता है और 25 लाख रुपये दहेज मांगने का भी आरोप लगाया. वहीं, दूसरी तरफ पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी मोबाइल पर अपने पुरुष दोस्तों से अश्लील चैटिंग करती है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में पारिवारिक अदालत के आदेश के खिलाफ एक महिला की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उसके पति की तलाक की याचिका को उसके खिलाफ क्रूरता के आधार पर अनुमति दी गई थी.

पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी अपने पुरुष दोस्तों से उनके निजी जीवन के बारे में बात कर रही है, पति-पत्नी के शारीरिक संबंधों को लेकर पत्नी अपने पुरुष दोस्तों से फोन पर चैटिंग कर रही है. इसी को लेकर जस्टिस विवेक रूसिया और गजेंद्र सिंह की बेंच ने फैसला सुनाया.

कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि कोई भी पत्नी या पति शादी के बाद अपने दोस्तों के साथ अश्लील बातचीत नहीं कर सकता. कोर्ट ने कहा, कोई पति यह बात बर्दाश्त नहीं करेगा कि उसकी पत्नी अपने मोबाइल पर इस तरह की अश्लील चैटिंग कर रही है. शादी के बाद पति और पत्नी को इस बात की आजादी होती है कि वो अपने फोन पर जिससे चाहे चैटिंग कर सकते हैं, लेकिन इस चीज में इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि आप किस तरह की बातें कर रहे हैं.

कोर्ट ने कहा, आपकी बातों का लेवल सभ्य होना चाहिए. साथ ही कोर्ट ने कहा, आपकी बातों का लेवल तब और ज्यादा सभ्य होना चाहिए जब आप महिला होकर किसी पुरुष से बात कर रहे हो या फिर पुरुष होकर किसी महिला से बात कर रहे हो. आपकी बातें ऐसी होनी चाहिए जिस पर आपके पार्टनर को कोई आपत्ति न हो. कोर्ट ने कहा कि अगर आपत्ति के बावजूद पति या पत्नी ऐसी बातें करना जारी रखते हैं तो यह निश्चित रूप से दूसरे साथी के लिए मानसिक क्रूरता की वजह बनेगा.

कैसे शुरू हुआ कपल के बीच विवाद

इस कपल ने साल 2018 में शादी की थी. पति आंशिक रूप से सुन नहीं सकता है और इस बात की जानकारी शादी से पहले ही पत्नी को दे दी गई थी. हालांकि, पति ने आरोप लगाया कि शादी के तुरंत बाद पत्नी ने उसकी मां के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया और डेढ़ महीने बाद ही वो ससुराल छोड़ कर चली गई. पति ने कथित रूप से यह भी आरोप लगाया कि पत्नी शादी के बाद अपने पुराने लवर (प्रेमी) से मोबाइल पर चैटिंग करती थी. पति ने कहा, उन दोनों की व्हाट्सऐप पर हुई बातें वल्गर है.

पति के लगाए गए आरोपों पर पत्नी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, पत्नी ने कहा कि जिन पुरुष से उसकी चैटिंग होने का आरोप लगाया जा रहा है, उसका उनसे कोई संबंध नहीं है. उसने यह भी दावा किया कि पति ने उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया था और उसके खिलाफ सबूत बनाने के लिए उन 2 पुरुषों को उसी ने मैसेज किए थे.

पत्नी ने क्या कहा?

पत्नी ने आगे तर्क दिया कि उनके पति ने उनके फोन से चैट निकाल कर उनकी निजता के अधिकार का उल्लंघन किया है. पत्नी ने पति पर उसे पीटने और 25 लाख रुपये दहेज मांगने का भी आरोप लगाया. हालांकि, हाई कोर्ट ने पाया कि महिला के पिता ने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि उनकी बेटी को पुरुष दोस्तों से बात करने की आदत थी.

पारिवारिक अदालत ने पाया कि उदाहरण ए/4 और ए/6, विनोद और अन्य के साथ इस अपीलकर्ता की चैटिंग का प्रिंटआउट, एक सभ्य बातचीत नहीं है. प्रतिवादी के खिलाफ एफआईआर या घरेलू हिंसा आदि की शिकायत के माध्यम से कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की गई है, जो यह स्थापित करता है कि पत्नी के खिलाफ प्रतिवादी के आरोप सही हैं. इसी के चलते, अदालत उस व्यक्ति को तलाक देने के पारिवारिक अदालत के फैसले से पूरी तरह सहमत थी.

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