नई दिल्ली : एमसीडी में बवाल का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को स्टैंडिंग कमिटी के छह सदस्यों के लिए वोटिंग तो शांति से हो गई लेकिन काउंटिंग में फिर हंगामा हो गया। काउंटिंग के दौरान मेयर ने एक वोट को अमान्य करार दिया जिस पर भारतीय जनता पार्टी हंगामा करने लगे। मेयर शैली ओबेरॉय और निगम सचिव के बीच तीखी बहस हुई। चुनाव आयोग से आए ्अधिकारी ने भी वोट को वैलिड बताया। लेकिन मेयर ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। इस बीच भाजपा के पार्षद बेंच पर चढ़कर हंगामा करने लगे।
बुधवार को हंगामे की वजह से टला स्टैंडिंग कमिटी का चुनाव शुक्रवार को पूरा हुआ। मेयर की ओर से नए सिरे से वोटिंग और मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक की शर्त मानने के बाद कमिटी के छह सदस्यों के लिए शांति से वोटिंग हुई। मतदान के दौरान 250 पार्षदों में से 242 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। दिल्ली की मेयर ने सबसे अंतिम में वोट डाला।
वोटिंग खत्म होने के बाद मेयर ने घोषणा की कि मतगणना पूरी होने तक कोई भी सदस्य कक्ष नहीं छोड़ेगा। काउंटिंग से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। काउंटिंग खत्म होने से पहले ही दोनों ओर से जीत के दावे किए जाने लगे। इस बीच एक वोट को अमान्य करार दिए जाने पर बवाल मच गया।
इससे पहले, भाजपा के कुछ पार्षदों ने ‘जय श्री राम’ और मोदी के समर्थन में नारे लगाए, जबकि ‘आप’ सदस्यों ने ‘आम आदमी पार्टी जिंदाबाद’ और ‘अरविंद केजरीवाल जिंदाबाद’ के नारे लगाए। स्थायी समिति के छह सदस्यों के लिए सात प्रत्याशी मैदान में हैं। आप ने आमिल मलिक (श्री राम कॉलोनी वार्ड), रमिंदर कौर (फतेह नगर वार्ड), मोहिनी जीनवाल (सुंदर नगरी वार्ड) और सारिका चौधरी (दरियागंज वार्ड) को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कमलजीत सहरावत (द्वारका-बी वार्ड) और पंकज लूथरा (झिलमिल वार्ड) भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं। निर्दलीय पार्षद गजेंद्र सिंह दराल भी उम्मीदवार हैं। वह बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।
