तीन दशक से महल का कब्जा, पर दूर न हुई बेरोजगारी की समस्या

उज्ज्वल शुक्ला। देवास अनूठी नगरी है, ऐसी जहां देवों का वास है, जहां मां चामुंडा और तुलजा भवानी का मंदिर है। एक लोक मान्यता यह भी है कि यहां एक साथ होलकर राजवंश और पवार राजवंश का शासन हुआ करता था। बड़ी देवी मां तुलजा भवानी होलकर वंश की कुलदेवी हैं और छोटी मां चामुंडा देवी पवार वंश की कुलदेवी हैं। इस कारण यहां पर दोनों देवियां वास करती हैं। आज भले ही राजवंशों का शासन न रहा हो पर देवास की सियासत पर पवार राजवंश ही राज करता है। यहां की राजनीति महल के इर्द-गिर्द ही घूमती रहती है।

देवास के लोगों का तो यहां तक कहना है कि यहां कांग्रेस का उम्मीदवार भी महल से ही तय होता है। यही वजह है कि कांग्रेस इस सीट को बीते तीन दशक में कभी जीत नहीं पाई। देवास की आधुनिक पहचान कभी उद्योगों के लिए थी, वहां कई उद्योग बंद पड़े हुए हैं। इस वजह से रोजगार के साधन नगण्य हो गए हैं। रोजगार की तलाश में कई युवा इंदौर पलायन कर रहे हैं। एसोसिएशन आफ इंडस्ट्री देवास के अध्यक्ष अशोक खंडेलिया कहते हैं कि जो लोग यह कहते हैं कि देवास में उद्योग बंद हो रहे हैं, वे एक भी बंद कंपनी का नाम बता दें।

क्षेत्र में हुए विकास कार्य

  • 163 करोड़ रुपये की लागत से तीन चरणों में शहर में पानी लाने की योजना का कार्य।
  • 40 करोड़ रुपये की लागत से साइंस कालेज, ला कालेज, नगर निगम, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, आरटीओ सहित कई भवनों का निर्माण।
  • 31 करोड़ रुपये की लागत से शहर में कई सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण कराया गया।
  • दो ब्रिज निर्माण व एक फ्लाईओवर का निर्माण किया गया हैं। पहली बार अलग-अलग स्पोर्ट्स पार्क का निर्माण किया गया है।

विधायक का दावा
पिछले साढ़े चार वर्षों में अब तक के सबसे अधिक विकास कार्यों का रिकार्ड बना है। हमने जनता से जो वादे किए थे, वे सभी पूरे किए है। पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि सभी क्षेत्रों में हमने खूब काम किए हैं। 105 सड़कें हमें कायाकल्प योजना के तहत मिली हैं। हमने कई नए भवन और पुल बनवाए हैं। – गायत्री राजे पवार, विधायक (भाजपा)

विपक्ष का प्रतिकार
शहर में कोई बड़ा काम विधायक ने नहीं कराया है। उन्होंने हर अच्छे काम में अड़ंगा ही लगाया है। इनके संरक्षण में शहर में गुंडा तत्व पनप रहे हैं। व्यापारी वर्ग चंदाखोरी से परेशान है। मैंने महापौर रहते हुए कई काम कराए थे। – ठा. जयसिंह, वर्ष 2018 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व महापौर

जो विकास कार्य नजर आ रहे हैं, उनमें से अधिकांश कांग्रेस की सरकार में स्वीकृत हुए थे। हमारी विधायक ने देवास के लिए कोई भी नई योजना लागू नहीं करवाई है। जिस फ्लाईओवर को वे अपनी उपलब्धि बताती हैं, वो सज्जन सिंह वर्मा की देन हैं। – मनोज राजानी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष

उद्योगों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति

देवास में रोजगार को लेकर पिछले कई सालों से युवा परेशान हैं। देवास औद्योगिक क्षेत्र में कई नामचीन कंपनियां वर्तमान में बंद पड़ी हैं। बेशकीमती जमीन पर अभी भी इन कंपनियों का कब्जा है। वहीं, अब औद्योगिक क्षेत्र में जमीन उपलब्ध नहीं होने से नई कंपनियां निवेश नहीं कर पा रही हैं। विधायक का कहना है कि हमने उद्योगों की पानी की समस्या हल ही है, उसके बाद कई नई कंपनियां यहां आई हैं। इस पर कांग्रेस नेता और पूर्व महापौर ठा. जयसिंह का कहना है कि 1990 के बाद से देवास में नई कंपनी आना तो दूर पुरानी फैक्ट्रियां बंद हो गईं।

फ्लाईओवर को लेकर भी तकरार

शहर के बीच से गुजरने वाले एबी रोड पर बने फ्लाईओवर को लेकर भी कांग्रेस और भाजपा में तकरार है। शहर की जनता इसे एक सौगात के तौर पर देखती है तो कांग्रेस का मानना है कि यह अभी जहां बना है, वहां इसकी जरूरत ही नहीं थी। मनोज राजानी कहते हैं कि हमने इसे भोपाल चौराहे पर स्वीकृत कराया था, विधायक ने इसे विकास नगर चौराहे पर शिफ्ट करवा दिया।

इस बारे में विधायक का कहना है कि जहां पर ये ब्रिज बना है, वहां सड़क चौड़ी थी, इससे वहां यातायात सुगम हुआ है। ब्रिज के ऊपर और नीचे से ट्रैफिक आसानी से निकल रहा है। इसे अन्य जगह बनाया जाता तो सड़क चौड़ीकरण के लिए कई निर्माण कार्य तोड़ना पड़ सकते थे।

विधायक के खिलाफ बोलने से बचते दिखे लोग

देवास के इंडियन काफी हाउस में लोग भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के खिलाफ कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। इसकी वजह यही है कि लोग अभी भी पूर्व राजपरिवार का सम्मान करते हैं। कुल लोगों को विधायक की सहज उपलब्धता न होने नाराजगी जरूर है।

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