नई दिल्ली l यात्रा करने के लिए रेलवे का सफर सबसे बढ़िया होता है। छोटी या लंबी यात्रा बस या कार के मुकाबले ट्रेन में आरामदायक रहती है। यहीं कारण है बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से यात्रा करते है। हालांकि कई बार तत्काल टिकट के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। समय समय में भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए बदलाव करता आया है। पहले की तुलना में आज रेलवे में काफी बदलाव हुआ है। अब खबर आ रही है कि भारतीय रेलवे यात्रियों को बड़ा तोहफा देने जा रहा है। अब कंफर्म टिकट के लिए किसी को परेशान नहीं होना पड़ेगा। रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। अब आपको टिकट कंफर्म के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आइए जानते है रेलवे में क्या नया बदलाव किया है।
रेलवे का बड़ा फैसला
रेलवे के नए बदलाव अब सभी को कंफर्म टिकट मिलेगा। चलती ट्रेन में वेटिंग या आरएसी टिकट को कंफर्म कराने के लिए अब टीटी से नहीं कहना पड़ेगा। हाल ही में रेल मंत्रालय ने इसको लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। इससे ट्रेनों वे वेटिंग विंडो टिकट और आरएसी टिकट पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। रेलवे प्रीमियम, मेल और एक्सप्रेसव ट्रेनों के टीटी को हैंड हेल्ड टर्मिनल यानी एचएचटी देने जा रहा है। इसकी हो चुकी है। इस एचएचटी डिवाइस से खाली बर्थ वेटिंग या आरएसी नंबर और श्रेणी के अनुसार अपने आप ही कंफर्म हो जाएगी।
559 ट्रेनों में टीटी को 5,850 एचएचटी डिवाइस मिली
भारतीय रेलवे ने पहले भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ प्रीमियम ट्रेनों राजधानी और शताब्दी में टीटी को एचएचटी डिवाइस शुरू किया था। इससे यात्रियों के वेटिंग या आरएसी टिकट चार्ट बनने के बाद चलती ट्रेन में स्वत कंफर्म हुए और उनके पास मैसेज पहुंचे। अब रेलवे ने 559 ट्रेनों में टीटी को 5850 एचएचटी डिवाइस दिया है। रेलवे का कहना है कि धीरे धीरे प्रीमियम ट्रेनों के साथ सभी मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में इसको लागू किया जाएगा।
चलती ट्रेन में एक दिन में हुए 5,23,604 रिजर्वेशन
अभी कई ट्रेनों में टीटी चार्ट लेकर टिकट की चेकिंग करते हैं, जिस बर्थ पर यात्री नहीं पहुंच पाता है, उसे मार्क कर वेटिंग या आरएसी देते है। इसमें सीट अलोटिंग टीटी पर निर्भर करता है। लेकिन अब एचएचटी डिवाइस लाखों लोगों को राहत मिलेगी। अब चलती गाड़ी में ही टिकट कंफर्म हो जाएगी। रेलवे बोर्ड ने बताया कि चलती ट्रेन में एक दिन में 5,23,604 रिजर्वेशन हुए, जिसमें चलती ट्रेन में 2,42,825 टिकट की जांच एचएचटी डिवाइस से की गई।
