नई दिल्ली: केंद्र में बीजेपी सरकार के आठ साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग स्कीम के लाभार्थियों से बात की। इसके लिए जगह तय की गई शिमला। शिमला के रिज मैदान में मंच से मंगलवार पीएम मोदी ने देश के अलग अलग हिस्सों में केंद्र सरकार की स्कीम की लाभार्थियों से बात की। पीएम ने उनसे बात कर यह संदेश दिया कि उनकी आठ साल की सरकार ने किस तरह गरीबों के लिए काम किया है। इस दौरान पीएम ने किसान सम्मान निधि की 11वीं किश्त भी जारी की। दरअसल हिमाचल प्रदेश में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी उम्मीद कर रही है कि सरकार की स्कीम के लाभार्थी उनकी जीत की राह आसान करने में मदद करेंगे।
शिमला में पीएम मोदी ने कहा कि पहले अटकी लटकी भटकी योजनाओं, भाई-भतीजावाद और घोटालों के बारे में बात की जाती थी, लेकिन आज सरकारी योजनाओं से लाभ के बारे में बात होती है। मोदी ने कहा हमारे देश में दशकों तक वोटबैंक की राजनीति होती रही। सब अपना अपना वोट बैंक बनाने में लगे रहे। इस वोट बैंक की राजनीति ने देश का बहुत नुकसान किया है। हम वोट बैंक बनाने के लिए नहीं, नए भारत को बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने शत प्रतिशत लाभ, शत प्रतिशत लाभार्थी तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया है।
पीएम ने हिमाचल को वीरों की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि यहां हर घर से कोई न कोई फौज में है। यहां के लोग भूल नहीं सकते कि पहले की सरकारों ने उन्हें वन रैंक वन पेंशन के नाम पर धोखा दिया। पीएम मोदी ने कहा कि सैन्य परिवार हमारी संवेदनशीलता को समझता है हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन को लागू किया। दरअसल हिमाचल प्रदेश में अच्छी खासी संख्या में पूर्व सैनिक हैं। राज्य में करीब 1 लाख 30 हजार पूर्व सैनिक हैं। राज्य से सेना में कार्यरत करीब 1 लाख 25 हजार लोग हैं। सैनिक विधवा करीब 30 हजार हैं। इस तरह अगर देखा जाए तो करीब 9-10 लाख लोग सैनिक या पूर्व सैनिकों के परिवार से ही हैं।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में यह ट्रेंड रहा है कि हर चुनाव में सत्ता बदलती है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री के कामों का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कई ट्रेंड तोड़े और उम्मीद है कि हिमाचल प्रदेश में भी यही होगा।
