नई दिल्ली: मणिपुर में जारी हिंसा पर विपक्ष हमलावर है. लगातार पांचवें दिन भी संसद के दोनों सदनों में इसी मुद्दे का शोर है. अब विपक्ष के नेता मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं. खुद विपक्ष का भी कहना है कि उसके पास जरूर मत नहीं है लेकिन उसे उम्मीद है कि इसी बहाने पीएम मोदी सदन में जवाब देंगे. इस बीच 2018 में हुई अविश्वास प्रस्ताव की कोशिशों के दौरान का पीएम मोदी का एक भाषण तेजी से वायरल हो रहा है. तब पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा था कि आप इतनी मेहनत करें कि साल 2023 में आपको फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाने का मौका मिले.
हम सभी की शुभकामनाएँ हैं कि 2019 और 2023 की तरह ही 2028 में भी विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाएगा।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी इनकी इस नकारात्मक राजनीति की भविष्यवाणी पहले ही कर चुके हैं। pic.twitter.com/xWOiTRnQpe
— Vijay Kumar Dubey (Modi Ka Parivar) (@Vijaydubeybjp) July 26, 2023
लोकसभा में 2018 में लाए गए विश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था, ‘मैं आपको अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं कि आप इतनी तैयारी करें कि 2023 में फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाने का आपको मौका मिले.’ अब बीजेपी के कई नेता मोदी की इस ‘भविष्यवाणी’ वाले उनके संबोधन का यह हिस्सा शेयर कर रहे हैं. इस बीच संसद में एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया है और लोकसभा की कार्यवाही बाधित हो गई.
कांग्रेस पर जमकर बरसे थे पीएम मोदी
उस वक्त विपक्षी पार्टी के एक सदस्य को जवाब देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यह अहंकार का नतीजा है कि कांग्रेस की सीटों की संख्या कभी 400 से अधिक होती थी जो 2014 के लोकसभा चुनावों में घटकर करीब 40 रह गई. उन्होंने कहा था कि अपनी सेवा की भावना की बदौलत ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दो सीटों से बढ़कर अपने दम पर जीत का आंकड़ा हासिल किया है.
बता दें कि INDIA नाम के विपक्षी गठबंधन के बैनर तले आई विपक्षी पार्टियां अविश्वास प्रस्ताव लाई हैं. उनका कहना है कि पीएम मोदी मणिपुर पर जवाब देने से बच रहे हैं लेकिन इससे हमें उम्मीद है कि वे सदन में आएंगे और मणिपुर हिंसा पर जवाब देंगे. हालांकि, विपक्ष के पास अविश्वास प्रस्ताव जीतने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं है.
