जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अमरनाथ बचाव अभियान बंद कर दिया गया है और सभी लापता लोगों का सफलतापूर्वक पता लगा लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस दुखद दुर्घटना में कुल 15 लोगों की मौत हो गई और 55 घायल हो गए, जिनमें से 53 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि 2 का इलाज चल रहा है. एक या दो दिन में उन्हें भी घर भेज दिया जाएगा.
सभी लापता लोगों का चला पता
लापता होने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पीसीआर को लापता व्यक्तियों के बारे में 200 कॉल मिले थे और बाद में सभी व्यक्तियों का पता लगा लिया गया था, इसलिए कोई भी लापता व्यक्ति नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि बचाव अभियान पूरा हो गया है और मलबे में कोई और नहीं मिला है.
सुरक्षित होगी तीर्थयात्रा
मनोज सिन्हा ने कहा कि भविष्य के लिए हम और अधिक सुरक्षित तीर्थयात्रा की योजना बना रहे हैं, क्योंकि हमने इस मामले को इंजीनियरों के साथ उठाया है और गुफा को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पवित्र गुफा की डिजिटल मैपिंग की जाएगी. गुफा और उसके आसपास के क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले मानव नुकसान को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकें.
डिजिटल मैपिंग
एलजी ने कहा कि मैंने भारत के सेवीयोर जेनरल से अमरनाथ गुफा और उसके आसपास के क्षेत्रों की डिजिटल कंटूर मैपिंग करने का अनुरोध किया है. सर्वेक्षण 8 जुलाई को देखे गए गुफा मंदिर में प्राकृतिक आपदाओं के मामले में मानव नुकसान को रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की सलाह देगा.
दीवार का निर्माण
उन्होंने कहा कि सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा एक दीवार का निर्माण किया गया था, जहां पिछले साल अचानक बाढ़ आई थी. ऐसा माना जाता है कि अमरनाथ गुफा तीर्थ पर हाल ही में बादल फटने से हताहतों की संख्या अधिक होती अगर वह दीवार नहीं होती.
तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि
लोगों ने सवाल उठाया कि तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ा दी गई है, तथ्य यह है कि दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक समिति ने दोनों मार्गों से तीर्थयात्रियों की संख्या 7500 निर्धारित की थी. उन्होंने कहा कि एसएएसबी ने हाल ही में दोनों मार्गों के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या 10,000 तक तय की थी, क्योंकि इस साल सुविधाओं में सुधार किया गया था.
सुरक्षा एजेंसियों ने निभाई अहम भूमिका
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जेकेपी और अन्य केंद्रीय बलों के अलावा जिन्होंने बादल फटने के बाद समय पर बचाव अभियान में बड़ी भूमिका निभाई. मृतक को 5 लाख बीमा के मिलेंगे, लेकिन श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड भी मृतक परिवार के निकटतम परिजनों को अतिरिक्त 5 लाख रुपये का भुगतान करेगा. तीर्थयात्रा सुचारू रूप से चल रही है और 1.5 लाख से अधिक तीर्थयात्री पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं.
