नई दिल्ली। केंद्र सरकार ऑनलाइन गेमिंग को लेकर गंभीर हो गई है। ऑनलाइन गेमिंग में चीन की बड़ी हिस्सेदारी है। अक्सर ऑनलाइन गेमिंग के जरिए चीन भारतीयों की जासूसी का काम करता रहा है। लेकिन अब केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। केंद्र सरकार ऑनलाइन गेमिंग पर नकेल सकने जा रही है। साथ ही घरेलू प्लेयर को ऑनलाइन गेमिंग में बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है।
ऑनलाइन गेमिंग कारोबार से बड़े कारोबार की उम्मीद
ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर के लिए सरकार देश में एक बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में काम कर रही है। दरअसल केंद्र सरकार ऑनलाइन गेमिंग को एक बड़े व्यापार के तौर पर देख रही है। ऐसे में केंद्र सरकार ऑनलाइन गेमिंग को लेकर नए निमय बनाने जा रही है। साथ ही केंद्र की कोशिश है कि भारत के घरेलू ऑनलाइन सेक्टर में स्वदेशी प्लेटफार्म को अहमियत दी जाए। इस बारे में केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार को संसद को सूचित किया।
सरकार बना रही ऑनलाइन गेमिंग का रोडमैप
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के जवाब में कहा कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अनुसार भारत में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (एवीजीसी) सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर “क्रिएट इन इंडिया” और “ब्रांड इंडिया” को आगे बढ़ाने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा का ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर एक इंडस्ट्री के तौर पर उभर रहा है। इसे लेकर सरकार रोडमैप विकसित करेगी।
ऑनलाइन गेमिंग के लिए गठित हुई टास्क फोर्स
सरकार ने कहा कि केंद्रीय बजट 2022-23 में वादे के मुताबिक एवीजीसी सेक्टर के विस्तार के लिए 8 अप्रैल को एक एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) प्रमोशन टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इससे वैश्विक स्तर पर ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में टक्कर दी जा सकेगी। साथ ही रोजगार के अवसर को बढ़ावा मिलेगा।
