राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने एक बार फिर जनसंख्या विस्फोट का आरोप लगाते हुए चिंता जताई है. आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जनसंख्या नीति बननी ही चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले पर सॉलिडरिटी के साथ विचार विमर्श करके सब पर लागू होने वाली नीति बनाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि कन्वर्जन की वजह से हिंदुओं की संख्या कम हो रही है. उन्होंने देश के कई हिस्सों में कन्वर्जन की साजिश का आरोप लगाया. आरएसएस के सरकार्यवाह ने यह भी कहा कि कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ भी हो रही है.
उन्होंने कहा कि जनसंख्या असंतुलन की वजह से कई देशों में विभाजन की नौबत तक आई है. आरएसएस नेता ने कहा कि भारत का विभाजन भी जनसंख्या असंतुलन की वजह से ही हुआ था. आरएसएस, हालांकि यह पहली बार नहीं है जब जनसंख्या नियंत्रण को लेकर नीतियां बनाने की अपील की है. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार भी जनसंख्या नियंत्रण पर नीतियों को लेकर विचार कर रही है.
कम हो जाएगी युवाओं की संख्या
दत्तात्रेय होसबाले ने जनसंख्या असंतुलन से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि पिछले 40-50 सालों में जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देने के कारण प्रत्येक परिवार की औसत जनसंख्या 3.4 से कम होकर 1.9 हो गई है. आरएसएस नेता ने कहा कि इसके चलते भारत में एक समय ऐसा आएगा, जब युवाओं की जनसंख्या कम हो जाएगी और बुजुर्गों की आबादी अधिक होगी, जो चिंताजनक है. प्रयागराज में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चार दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के आखिरी दिन दत्तात्रेय होसबाले ने संगठन का एक्सपेंशन प्लान भी बताया.
