नई दिल्ली: विपक्षी गठबंधन इंडिया का गठन हुआ था तो एकजुटता के तमाम दावे किये जा रहे थे। मगर अब इस एकता में भंग पड़ता नजर आ रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विपक्षी गठबंधन में सीटों के बंटवारे और भविष्य के प्लान की चिंता सता रही है, कहीं न कही मौजूदा हालात को देखकर ये टेंशन लाजमी भी है। जिस तरह अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी, अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस की कांग्रेस पार्टी से ठनी हुई है उससे ये समझा जा सकता है कि मामला बेहद गंभीर है। विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ‘इंडिया’ के भविष्य का क्या होगा और आखिरकार सीटों के बंटवारे पर सभी पार्टियों के बीच समझौता कब होगा? आपको पूरा सियासी समीकरण समझाते हैं।
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) गठबंधन को सीट बंटवारे के मुद्दे सहित अपनी भविष्य की रणनीतियों को अंतिम रूप देने में तेजी से काम करना चाहिए।’ ये समझा जा सकता है कि नीतीश का ये बयान इस ओर इशारा कर रहा है कि उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कहीं विपक्षी गठबंधन बिखर ना जाए।
नीतीश ने अपनी तबीयत खराब होने का किया जिक्र
नीतीश कुमार ने पटना में कहा, ‘पिछले चुनावों में इन राज्यों (छत्तीसगढ़, राजस्थान) कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इस बार भी कांग्रेस को अच्छा खासा वोट मिला है, लेकिन भाजपा जीती। लेकिन, तेलंगाना में कांग्रेस ने जीत दर्ज है। इन सब पर कोई खास चर्चा की जरूरत नहीं है। हम तो यही चाहते हैं कि बहुत तेजी से विपक्ष एकजुट हो।’ उन्होंने कहा, ‘खबर में चल रहा था कि हम ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में नहीं जा रहे हैं जबकि ऐसी कोई बात नहीं थी। मेरी तबीयत खराब थी। मुझे सर्दी-खांसी, बुखार था। अगली बैठक होगी तो हम फिर से कहेंगे कि अब देर नहीं कीजिए। आपस में बैठकर सबकुछ जल्दी से तय कर लीजिए।’
लालू के साथ एकजुटता का संदेश दे रहे हैं नीतीश
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद ने मंगलवार को कहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के शीर्ष नेता 17 दिसंबर को दिल्ली में बैठक करेंगे। इसके अलावा कई शीर्ष नेताओं के शामिल न हो पाने के कारण बुधवार (आज) को होने वाली बैठक टाल दी गई। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के शीर्ष नेता ने कहा, ‘हम एक साल से विपक्षी एकजुटता में लगे हुए हैं। राज्यों के चुनाव में सभी पार्टियां अपनी-अपनी जीत के लिए लग जाती हैं। लेकिन हम चाहते हैं कि आगे से सब एकजुट होकर चुनाव लड़ें।’
पीएम बनने के सवाल पर क्या बोले बिहार के सीएम?
‘इंडिया’ गठबंधन का नेतृत्व करने से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री पद को लेकर अक्सर मेरे बारे में खबरें आती हैं कि लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। हम केवल यही चाहते हैं कि विपक्ष एकजुट हो और अभी जो पार्टी केंद्र की सत्ता में है उसके खिलाफ चुनाव लड़े। वे लोग देश के इतिहास को बदलने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी को आजादी की लड़ाई को याद रखना चाहिए। मुझे व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं चाहिए। हम पहले से ही लोगों की सेवा कर रहे हैं। हम लोगों ने आंदोलन भी किया है। उन्होंने कहा कि हम राज्य के हित में अपने काम में लगे रहते हैं। हमलोग तेजी से युवाओं को रोजगार देने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशहित में सभी विपक्षी दल एकजुट हों।
‘नीतीश को बनाया जाए ‘इंडिया’ गठबंधन को संयोजक’
जनता दल (यूनाइटेड) के नेता रामनाथ ठाकुर ने बुधवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) का संयोजक बनाया जाना चाहिए। जद(यू) के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपनी छवि ऐसी बनाई है जो उन्हें विपक्षी समूह के संयोजक बनने के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है। ठाकुर ने कहा, ‘नीतीश कुमार ने बिहार में अपनी जो छवि बनाई है, अगर वह ‘इंडिया’ के नेता बनते हैं तो यह अच्छा होगा।’ ठाकुर की टिप्पणी पर टिप्पणी करने के लिए पूछे जाने पर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि गठबंधन की किसी भी बैठक में ऐसी कोई मांग नहीं की गई है।
अपना-अपना झंडा बुलंद करने की फिराक में हर पार्टी
संजय राउत का कहना था, ‘अगर ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में ऐसी कोई मांग की जाती है तो हम इस पर चर्चा करेंगे। नीतीश कुमार जी एक बड़े नेता हैं, इस गठबंधन को उनका मार्गदर्शन प्राप्त है।’ उद्धव ठाकरे के बारे में एक सवाल पर उन्होंने कहा, ‘उद्धव जी एक ऐसा चेहरा हैं जो देश को स्वीकार्य हैं। मैं इस पद या उस पद के लिए नहीं कहूंगा, लेकिन वह प्रखर हिंदूवादी हैं और फिर भी उदार हैं, वह सभी को साथ लेकर चलते हैं।’ कांग्रेस के नेता कोडिकुनिल सुरेश ने कहा कि वह ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी के प्रदर्शन पर टिप्पणियों को लेकर केरल की सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर प्रहार किया।
क्या बिखरने जाएगा विपक्षी दलों का गठबंधन?
बीते कुछ दिनों से विपक्षी गठबंधन INDIA में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। विधानसभा चुनावों में सपा बनाम कांग्रेस, आप बनाम कांग्रेस की खुली जंग देखने को मिली। जो पार्टियां विपक्षी दलों की बैठक में एकजुटता के तमाम दावे करती नजर आईं, वो इन चुनावों में एक दूसरे के खिलाफ जहर उगलती नजर आ रही थी। लोकसभा चुनाव से पहले ये देखना अहम होगा कि इस गठबंधन का भविष्य क्या होता है।
