अगर आपने भी सुकन्या समृद्धि योजना, एनएससी (NSC), पीपीएफ(PPF) जैसी बचत योजना में निवेश किया है तो आपके लिए जरुरी खबर है. अब आपको इन स्कीमों पर जबरदस्त रिटर्न मिलने वाला है. दरअसल, 1 जुलाई से केंद्र सरकार अपनी पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि जैसी बचत योजना पर ब्याज दरों में जबरदस्त बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है.
गौरतलब है कि वित्त मंत्रालय हर तिमाही के शुरू होने से पहले सरकारी बचत योजनाओं के ब्याज दरों की समीक्षा कर उसकी घोषणा करता है. ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही है कि कल यानी 1 जुलाई, 2022 से वित्त मंत्रालय सरकार की बचत योजनाओं पर 0.50 से लेकर 0.75 फीसदी तक ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा कर सकती है.
बचत योजनाओं पर बढ़ेंगी ब्याज दरें!
दरअसल, आरबीआई ने जबसे रेपो रेट में 0.90 फीसदी बढाया उसके बाद कई बैंकों ने डिपॉजिट्स पर ब्याज दरों को बढ़ा दिया है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि 1 जुलाई से इन सरकारी बचत योजनाओं पर भी ब्याज दरों को बढ़ाया जा सकता. इस समय पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) पर 7.1 फीसदी सलाना ब्याज दर मिलता है, जबकि NSC पर 6.8 फीसदी सलाना ब्याज मिल रहा है.
सुकन्या समृद्धि योजना पर फिलहाल 7.6 फीसदी और सीनियर सिटीजन टैक्स सेविंग स्कीम पर 7.4 फीसदी ब्याज मिल रहा है. इसके अलावा किसान विकास पत्र पर 6.9 फीसदी ब्याज मिल रहा है. अब लोगों को उम्मीद है कि सरकार जुलाई से इन योजनाओं पर ब्याज बढ़ा सकती है.
अप्रैल 2020 से नहीं हुआ बदलाव
गौरतलब है कि साल 2020-21 की पहली तिमाही के बाद से छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इससे पहले वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर, 1 अप्रैल, 2022 से शुरू होकर 30 जून, 2022 को समाप्त होने वाली, चौथी तिमाही (जनवरी) के लिए लागू वर्तमान दरों से अपरिवर्तित रहेगी.’ आपको बता दें कि छोटी बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरें तिमाही आधार पर संशोधित की जाती है.
अब ‘तीसरी’ बेटी का भी खोल सकेंगे खाता
पहले इस योजना में दो बेटियों के खाते पर ही 80सी के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता था. तीसरी बेटी पर यह फायदा नहीं मिलता था. नए नियम के तहत एक बेटी के बाद यदि दो जुड़वां बेटियां पैदा होती हैं तो उन दोनों के लिए भी खाता खोलने का प्रावधान है.
क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
Sukanya Samriddhi Yojana एक ऐसी लंबी अवधि की स्कीम है, जिसमें निवेश करके आप अपनी बेटी की पढ़ाई और भविष्य को लेकर निश्चिंत हो सकते हैं. इसके लिए आपको बहुत ज्यादा रकम भी निवेश करने की जरूरत भी नहीं होती. इस योजना में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं. नए नियमों में तहत खाते में गलत ब्याज डलने पर उसे वापस पलटने के प्रावधान को हटाया गया है. इसके अलावा खाते का सालाना ब्याज हर वित्त वर्ष के अंत में क्रेडिट किया जाएगा. पहले नियम था कि बेटी 10 साल में ही खाते को ऑपरेट कर सकती थी. लेकिन नए नियमों के तहत 18 साल की उम्र से पहले बेटी को खाता ऑपरेट करने की मंजूरी नहीं दी जाएगी. उससे पहले अभिभावक ही खाते को ऑपरेट करते रहेंगे.
