NPS में एंट्री और एक्जिट संबंधित नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, चेक करें डीटेल्स

नई दिल्ली l नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस में एंट्री संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव किया है। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए बाहर निकलने के नियमों को सरल किया गया है। आइए जानते हैं कि पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के नए सर्कुलर में क्या कुछ कहा गया है।

एंट्री की सीमा 70 साल की गई

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के नए सर्कुलर के अनुसार अब एनपीएस में ज्वाइनिंग की अधिकतम उम्र 65 की जगह 70 वर्ष होगी। इस नए संशोधन के बाद अब 18 से 70 वर्ष की उम्र तक लोग एनपीएस में एंट्री कर सकेंगे।

कोई भारतीय और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया भी 70 वर्ष की उम्र तक इसमें एंट्री कर सकेंगे साथ ही इसमें अधिकतम 75 वर्ष तक निवेश करने की छूट रहेगी। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने कहा, ‘ऐसे सब्स्क्राइबर, जिनका एनपीएस अकाउंट बंद हो चुका है। ऐसे सभी लोग भी नए नियमों के अनुसार नया खाता खोल सकते हैं।’

एक्टिव च्वाइश और ऑटो च्वाइश में इक्विटी एक्सपोजर अलग-अलग

पीएफआरडीए ने कहा है कि यदि कोई अंशधारक 65 साल की उम्र के बाद एनपीएस से जुड़ता और डिफॉल्ट ऑटो चॉइस के तहत निवेश का फैसला करता है, तो उसे शेयरों में सिर्फ 15 प्रतिशत तक का ही निवेश करने की अनुमति होगी। एनपीएस से 65 साल की उम्र के बाद जुड़ने वाले अंशधारकों के लिए सर्कुलर में कहा गया है कि उन्हें सामान्य तौर पर तीन साल के बाद बाहर निकलने की अनुमति होगी। सर्कुलर के अनुसार अगर कोई एक्टिव च्वाइश के तहत निवेश करता है तो उन्हें इक्विटी एक्सपोजर 50 प्रतिशत रहेगा।


खबर इनपुट एजेंसी से

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