1 दिसंबर से लागू हो रहे हैं ये 4 बदलाव, आपकी जेब पर होगा असर

नई दिल्ली l देश में आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख से कुछ बदलाव लागू होते हैं। या तो किसी पुराने नियम में संशोधन लागू होता है या फिर कोई नया नियम अमल में आता है। 2021 के दिसंबर माह की शुरुआत में भी ऐसा होने जा रहा है। आइए जानते हैं अगले माह की पहली तारीख से लागू हो रहे इन बदलावों के बारे में…

​14 साल बाद माचिस हो रही महंगी
14 साल के अंतराल के बाद माचिस की डिब्बी के दाम बढ़ने जा रहे हैं। यह 1 रुपये महंगी होने जा रही है। पांच प्रमुख माचिस उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से 1 दिसंबर से माचिस का एमआरपी 1 रुपये से बढ़ाकर 2 रुपये करने का फैसला लिया है। आखिरी बार माचिस की कीमत में संशोधन 2007 में हुआ था, उस वक्त इसकी कीमत 50 पैसे से बढ़ाकर 1 रुपये की गई थी। लेकिन राहत की बात यह है कि डिब्बी में तीलियों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अभी माचिस की एक डिब्बी में 36 तीलियां होती हैं लेकिन कीमत बढ़ने के बाद इनकी संख्या 50 होगी।

​PNB बचत खाते के ब्याज में कटौती
पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) ने 1 दिसंबर 2021 से बचत खाते की ब्याज दर में कटौती करने का फैसला किया है। इससे पहले PNB ने 1 सितंबर 2021 को बचत खाते पर ब्याज दर में कटौती की थी। पंजाब नेशनल बैंक में मौजूदा और नए, सभी सेविंग्स फंड अकाउंट्स के लिए ब्याज दर अभी 2.90 फीसदी सालाना है। 1 दिसंबर 2021 से बचत खाते में 10 लाख रुपये से कम सेविंग फंड अकाउंट बैलेंस के लिए ब्याज दर 2.80% सालाना होगी। वहीं 10 लाख रुपये और इससे ज्यादा के बैलेंस के लिए ब्याज दर 2.85% सालाना होगी। ये ब्याज दरें डॉमेस्टिक और एनआरआई दोनों तरह के सेविंग अकाउंट के लिए लागू होंगी।

​SBI क्रेडिट कार्ड से EMI ट्रांजेक्शन महंगा
SBI के क्रेडिट कार्ड से अब EMI पर खरीद महंगी होने वाली है। SBI कार्ड्स, 1 दिसंबर 2021 से सभी EMI खरीद ट्रांजेक्शंस पर 99 रुपये प्लस टैक्स की प्रोसेसिंग फीस वसूलेगी। मर्चेंट आउटलेट्स, ई-कॉमर्स वेबसाइट और ऐप पर एसबीआई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर किए गए सभी ईएमआई खरीद लेनदेन के लिए प्रोसेसिंग शुल्क लगाया जाएगा। यह प्रोसेसिंग शुल्क, क्रेडिट कार्ड से ईएमआई पर खरीद पर कार्ड प्रदाता द्वारा वसूली जाने वाली ब्याज राशि के अतिरिक्त है।

​UAN-आधार लिंक न होने पर नुकसान
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने UAN और आधार को लिंक कराने की आखिरी तारीख आगे बढ़ाकर 30 नवंबर 2021 कर दी है। पहले यह डेडलाइन 31 अगस्त 2021 तक थी। अगर आधार और यूएएन को लिंक नहीं करते हैं तो 1 दिसंबर 2021 से एंप्लॉयर, कर्मचारी के ईपीएफ खाते में अपना मंथली कॉन्ट्रीब्यूशन नहीं डाल सकेगा। साथ ही इंप्लॉई को अपना प्रोविडेंट फंड निकालने में भी मुश्किल होगी। EPFO ने पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन और दूसरे बेनिफिट्स के लिए आधार कार्ड को पीएफ यूएएन से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है। श्रम मंत्रालय ने इस नए नियम को लागू करने के लिए कोड ऑफ सोशल सिक्योरिटी 2020 के सेक्शन 142 में संशोधन किया है।


खबर इनपुट एजेंसी से

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