नई दिल्ली। रोबोट से लेकर कम्प्यूटर तक, हमारे आसपास ढेर सारी चीजें हैं जो विज्ञान का चमत्कार दिखाती हैं. विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत ज्यादा विकसित हो गया है. ऐसे में बच्चों को विज्ञान से जोड़ने का कार्य बाल साहित्य (Children Literature) के माध्यम से बखूबी किया जा सकता है. सरल भाषा में रोचक विज्ञान (Science) साहित्य रचकर बच्चों को विज्ञान के साथ-साथ हर जानकारी दी जा सकती है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए मुरादाबाद के राजीव सक्सेना बच्चों के लिए सरल और रोचक भाषा में पिछले करीब 30 साल से विज्ञान साहित्य रच रहें है.
राजीव सक्सेना लिख चुके हैं बच्चों के लिए पुस्तकें
प्रोफेसर खुराना का क्लोन, रोबो सिटी, पैराटाइम पुलिस,सॉफ्टवेअर रेनबो,अंतरिक्ष का संदेश शीर्षक जैसी पुस्तकें बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लोन, बायो रेप्लिकेन्ट्स,टाइम मशीन और एलियनों सहित बच्चों की रुचि के विभिन्न विषयों पर उन्होंने सैकड़ों विज्ञान कहानियां लिखी हैं. जो बच्चों की फैंटेसी को विस्तार देती है. दरअसल, विज्ञान लेखन समय की बड़ी आवश्यकता है. राजीव ने बताया कि अगर हम अब भी बच्चों को बालसाहित्य के माध्यम से नहीं जोड़ेंगे तो आगे बढ़ने की दौड़ में बाकी दुनिया से बहुत पीछे रह जाएंगे.
17 वर्ष की उम्र से लिख रहे हैं किताबें
राजीव सक्सेना ने बताया कि वो सेवानिवृत्त अधिकारी और लेखक हैं. वो कहते हैं, ‘मैंने बच्चो के लिए समालोचना पर पत्रकारिता में बहुत सी किताबें लिखी हैं. आजकल बच्चों के लिए मुख्य रूप से विज्ञान लिख रहा हूं.’ उन्होंने बताया कि उनकी 80 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. लगभग 17 साल की उम्र से वो लिख रहे हैं. डेढ़ हजार लेख उनके प्रकाशित भी हो चुके हैं. उनकी पुस्तकें विभिन्न पाठ्यक्रमों में स्कूलों में लगी हुई है. अब तक उन्हें आठ बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं, जिसमें नेशनल स्टेट लेवल के पुरस्कार शामिल है. इसके अलावा स्टेट लेवल पर भी वो सम्मानित हो चुके हैं
