भारतीय रेलवे देशभर में रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा रहै. रेल मंत्रालय ने देशभर के प्रमुख स्टेशनों के पुनर्विकास के काम को तेज कर दिया है. Bhartiya Railway में आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए 40 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है और 14 रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए टेंडर प्रक्रिया में हैं. इन पर अगले 5 महीनों में पुनर्विकास कार्य शुरू होने की संभावना है. देशभर में Railway Stations के पुनर्विकास से अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन और बेहतर आर्थिक विकास जैसे कई अच्छे प्रभाव पड़ेंगे.
भारतीय रेलवे द्वारा इन स्टेशनों के पुनर्विकास में विशाल रूफ प्लाजा, फूड कोर्ट, वेटिंग लाउंज, चिल्ड्रन प्ले एरिया, स्थानीय उत्पादों के लिए खास स्थान आदि जैसी सुविधाओं की तैयारियां की गई हैं. विकास कार्य रेलवे स्टेशन के साथ परिवहन के विभिन्न साधनों जैसे मेट्रो, बस आदि और स्टेशन के साथ शहर के दोनों किनारों को भी जोड़ेगा. इसके साथ ही स्टेशन के बुनियादी ढांचे के निर्माण में ‘दिव्यांगजनों’ के लिए ग्रीन बिल्डिंग टेक्नोलॉजी और अन्य सुविधाओं को अपनाया जाएगा. यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंटेलिजेंट बिल्डिंग की अवधारणा पर स्टेशनों का विकास किया जाएगा. स्टेशन पुनर्विकास रेलवे यात्रियों के साथ-साथ आम जनता के लिए स्टेशन पर ‘सिटी सेंटर’ जैसी सुविधाएं विकसित करेगा.
इन स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए लगेगी बोली
रेलवे सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत आनंद विहार टर्मिनल सहित 16 स्टेशनों पर पुनर्विकास के लिए बोली लगाएगा. पुनर्विकास किए जाने वाले अन्य स्टेशनों में तांबरम, विजयवाड़ा, दादर, कल्याण, ठाणे, अंधेरी, कोयंबटूर जंक्शन, पुणे, बैंगलोर सिटी, वडोदरा, भोपाल, चेन्नई सेंट्रल, दिल्ली हजरत निजामुद्दीन और अवादी शामिल हैं. रेलवे की योजना चालू वर्ष के भीतर ही इन स्टेशनों के लिए बोली लगाने की है. पश्चिम मध्य रेलवे के रानी कमलापति स्टेशन, पश्चिम रेलवे के गांधीनगर राजधानी स्टेशन और दक्षिण पश्चिम रेलवे के सर एम.विश्वेश्वरैया टर्मिनल स्टेशन को विकसित करके चालू कर दिया गया है. बता दें कि स्टेशनों के निर्माण के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है, क्योंकि स्टेशन विकास कार्यक्रम की प्रकृति जटिल है. इसमें कई हितधारक और विभिन्न वैधानिक मंजूरी शामिल हैं.
मिलेंगी ये सुविधाएं
स्टेशनों के दोनों ओर से एंट्री होगी, यानी स्टेशन शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ेगा. फूड कोर्ट, वेटिंग लाउंज के अलावा बच्चों के खेलने के लिए स्थान, शहर के स्थानीय उत्पाद को प्रमोट करने के लिए स्थान तय होगा. शहर के बीच स्थित इन स्टेशनों में नागरिकों के लिए एक सिटी सेंटर जैसा स्थान बनेगा. ट्रैफिक की व्यवस्था मास्टर प्लान में की गयी है. ट्रांसपोर्ट के सभी मोड को स्टेशन से कनेक्ट किया जाएगा. आटो, टैक्सी और बस स्टैंड इंटर कनेक्ट होंगे. पूरी इमारत ग्रीन बिल्डिंग तकनीक से बनेगी. दिव्यांगों की सुविधाओं को विशेष ख्याल रखा जाएगा.
इन स्टेशनों को किया जा रहा है विकसित
अयोध्या, बिजवासन, सफदरजंग, गोमतीनगर, तिरुपति, गया, उधना, सोमनाथ, एरनाकुलम, पुरी, न्यू जलपाईगुड़ी, मुजफ्फरपुर, लखनऊ( चारबाग), डकानिया तालव, कोटा, जम्मू तवी, जालंधर कैंट, नेल्लौर, साबरमती, फरीदाबाद, जयपुर, भुवनेश्वर, कोल्लम, उदयपुर सिटी, जैसलमेर, रांची, विशाखापट्टनम, पुड्डूचेरी, कटपडी, रामेश्वरम, मदुरै, सूरत, जोधपुर, चेन्नई इगमोर, न्यू भुज इत्यादि.
