कई बीमारियों का रामबाण इलाज है ये साधारण फूल… आयुर्वेद ने भी माना खजाना

रायबरेली. अधिकतर लोग अपने घर की शोभा बढ़ाने के लिए गुलाब, गेंदा, गुड़हल , चमेली के पौधों को गार्डेन में लगाते हैं. परंतु यह फूलों के पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. जो औषधीय गुण के लिए जाने जाते हैं. जिनके बारे में आमतौर पर लोगों को जानकारी नहीं होती. घर में पूजा-पाठ हो या किसी विशेष अवसर पर घर सजाने की बात हो गेंदे के फूलों को हमेशा इस्तेमाल किया जाता है लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ये फूल कई बीमारियों के इलाज में रामबाण दवा का काम करता है .

रायबरेली जिले कि आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी स्मिता श्रीवास्तव(बीएएमएस लखनऊ विश्व विद्यालय लखनऊ) के मुताबिक गेंदे के फूल में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं इसका उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. गेंदे के फूल में मौजूद एंटी फंगल, एंटी एलर्जिक गुण और एंटी ऑक्सीडेंट्स स्किन की तमाम समस्याओं से लेकर कैंसर और ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में सहायक हैं. गेंदे के फूल में विटामिन ए, विटामिन बी, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो कई प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए कारगर होता है. इसका उपयोग प्रमुख रूप से बाल झड़ना ,डैंड्रफ, स्कैल्प में फंगस ,दाद, खाज, खुजली के लिए किया जाता है.

आयुर्वेद में गेंदे के फूल का इस्तेमाल

स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि दाद, खाज और खुजली, त्वचा के दाग धब्बे दूर करने में गेंदे का फूल इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए गेंदे के फूल को पीसकर पेस्ट तैयार करें और गेंदे की पत्तियों का रस निकालें और दोनों को अच्छी तरह मिक्स करें. इस पेस्ट को लगातार चार से पांच दिनों तक लगाएं. ऐसा करने से समस्या दूर हो जाएगी. इसके अलावा गेंदे की पत्तियों को पानी में उबालकर पानी को ठंडा करें और समस्या वाली जगह पर लगाएं. इससे भी राहत मिलेगी. चोट लग जाने पर रक्त रोकने के लिए इसके पत्ते के रस का उपयोग किया जाता है.

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