नई दिल्ली: आधार कार्ड (Aadhaar Card) के फिंगरप्रिंट का क्लोन बनाकर अकाउंट से पैसे उड़ाने वाला एक नया फ्रॉड देखने को मिला है। एक यूजर्स के अकाउंट से स्कैम के जरिए 57,900 रुपये निकाल लिए गए। दरअसल उनकी फिंगरप्रिंट के निशान का क्लोन बनाया गया था। मनीकंट्रोल के मुताबिक पुलिस ने इस गिरोह के पास से 512 क्लोन अंगूठे के निशान बरामद किए हैं। ठग ने उन लोगों को टारगेट किया, जो कम पढ़े लिखे थे और बैंकिंग के लिए आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) का इस्तेमाल करते हैं।
क्या होता है आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) बैंक आधारित मॉडल है। जिससे आधार की बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन से खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए जाते हैं। इनमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के लाभार्थियों के खाते भी शामिल होते हैं। साल 2014 में इसे केंद्र सरकार की ओर से लॉन्च किया गया था। इसका मकसद है कि जिन गांवों में बैंक की शाखाएं कम हैं। वहां भी लोग पैसों का लेन-देन कर सकें।
लोन दिलाने और राशन कार्ड बनवाने के नाम पर कर रहे हैं ठगी
रिपोर्ट के मुताबिक फ्रॉड करने वाले लोग गांव में घूम कर लोन लेने और राशन कार्ड दिलाने का वादा करते हैं। इसके बदले में ग्रामीणों के अंगूठे के निशान ले लेते हैं। पुलिस अभी तक उन लोगों की पहचान नहीं कर पाई है। पुलिस उस जगह का पता कर रही है जहां से ट्रांजैक्शन किए गए हैं।
आधार का डेटा सुरक्षित करने का तरीका
आधार का डेटा सुरक्षित करने के लिए अपना आधार लॉक कर देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर आधार को अनलॉक भी किया जा सकता है। लॉक करने के बाद भले ही डेटा लीक हो चुका हो, लेकिन उसका इस्तेमाल पैसे के लेनदेन के लिए नहीं किया जा सकेगा।
कैसे आधार होगा लॉक
यूजर UIDAI की वेबसाइट या mAdhaar ऐप पर जाकर आधार लॉक कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले 16 नंबर का वर्चुअल ID जनरेट करना होगा। ये आपके रजिस्टर्ड नंबर पर SMS के जरिए मिल जाएगी। इसके बाद आप आधार लॉक का विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ एक कैप्चा कोड डालना होगा। आधार को जरूरत पड़ने पर दोबारा अनलॉक करने के लिए आपको उसी 16 डिजिट वाले VID नंबर की जरूरत पड़ेगी।
